रुद्रप्रयाग, 15 मई।
केदारनाथ धाम में तीर्थयात्रियों की संख्या पांच लाख के पार पहुंचने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने पूरे जिले में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है और यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए चिकित्सा सेवाओं को पूरी तरह सतर्क मोड में संचालित किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अब तक करीब 52 हजार तीर्थयात्रियों की प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और विभिन्न चिकित्सा इकाइयों में स्क्रीनिंग की जा चुकी है, जबकि ओपीडी सेवाओं के माध्यम से 62 हजार से अधिक मरीजों की जांच और उपचार किया गया है। यात्रा मार्ग और धाम क्षेत्र में तैनात मेडिकल टीमें बीमार और घायल श्रद्धालुओं को तत्काल उपचार उपलब्ध करा रही हैं।
रुद्रप्रयाग के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम प्रकाश ने बताया कि केदारनाथ में तीर्थयात्रियों की संख्या लगभग पांच लाख तक पहुंच चुकी है और विभिन्न जिलों के यात्रा मार्गों पर स्थित चिकित्सा केंद्रों में अब तक 52 हजार यात्रियों की स्क्रीनिंग तथा करीब 62 हजार ओपीडी परामर्श प्रदान किए जा चुके हैं।
उन्होंने बताया कि आपातकालीन व्यवस्था के तहत 150 मरीजों को एंबुलेंस सेवा उपलब्ध कराई गई है, जबकि 26 गंभीर मरीजों को हेलीकॉप्टर की सहायता से नाभ सुविधा सहित दुर्गम क्षेत्रों से एयरलिफ्ट किया गया है और स्वास्थ्य टीमें लगातार यात्रा मार्ग पर निगरानी बनाए हुए हैं।
डॉ. राम प्रकाश ने यह भी बताया कि इस वर्ष तीर्थयात्रियों में हृदय संबंधी जटिलताओं की पहचान के लिए ईसीजी आधारित स्क्रीनिंग शुरू की गई है, जिसके माध्यम से कई मायोकार्डियल इंफार्क्शन के मामले सामने आए हैं और पिछले पांच दिनों में लगभग आठ ऐसे मरीजों को रेफर किया गया है, जिनमें कुछ का थ्रोम्बोलाइसिस किया गया जबकि अन्य को उच्च स्तरीय उपचार के लिए भेजा गया।
उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की है कि मौसम और स्वास्थ्य स्थितियों को ध्यान में रखते हुए छोटे बच्चों को यात्रा पर न लाया जाए क्योंकि अत्यधिक ठंड उनके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती है, इसलिए उन्हें केदारनाथ यात्रा पर न लाने की सलाह दी गई है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने यह भी कहा कि तीर्थयात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए मेडिकल टीमें, आपातकालीन इकाइयां और स्क्रीनिंग सुविधाएं यात्रा मार्ग पर लगातार सक्रिय रूप से तैनात हैं।














