असम में मंगलवार को डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की। राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके साथ ही उन्होंने दूसरी बार राज्य की कमान संभाल ली और राज्य में भाजपा सरकार का तीसरा कार्यकाल शुरू हो गया।
डॉ. सरमा लगातार छह बार जालुकबारी विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने जा चुके हैं और वर्ष 2001 से इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। 2001, 2006 और 2011 में वे कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे थे, जबकि 2016, 2021 और हाल ही में सम्पन्न 2026 के चुनाव में वे भाजपा के उम्मीदवार के रूप में विजयी रहे।
इससे पहले वर्ष 1996 के चुनाव में उन्हें जालुकबारी सीट पर असम गण परिषद के भृगु कुमार फुकन से पराजय का सामना करना पड़ा था, लेकिन 2001 में उन्होंने फुकन को हराकर न केवल राजनीतिक वापसी की बल्कि उसके बाद लगातार मजबूत स्थिति बनाए रखी।
डॉ. सरमा की शिक्षा-दीक्षा भी उल्लेखनीय रही है। उन्होंने कामरूप एकेडमी से मैट्रिक पास करने के बाद कॉटन कॉलेज में दाखिला लिया। वर्ष 1990 में उन्होंने राजनीति विज्ञान में स्नातक और 1992 में स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने गुवाहाटी के सरकारी लॉ कॉलेज से विधि की पढ़ाई की और गुवाहाटी विश्वविद्यालय से डॉक्टरेट की उपाधि हासिल की। वर्ष 1996 से 2001 तक उन्होंने गुवाहाटी उच्च न्यायालय में अधिवक्ता के रूप में कार्य किया।
राजनीतिक जीवन में उन्होंने 2001 में पहली बार विधायक बनने के बाद 2006 और 2011 में लगातार जीत दर्ज की। 2011 में वे 78 हजार मतों के बड़े अंतर से विजयी हुए। इस दौरान उन्होंने कृषि, योजना, वित्त, स्वास्थ्य, शिक्षा और असम समझौता कार्यान्वयन जैसे कई महत्वपूर्ण विभागों में राज्य मंत्री के रूप में कार्य किया। वर्ष 2006 में उन्हें स्वास्थ्य विभाग का कैबिनेट मंत्री बनाया गया और 2011 में शिक्षा विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी सौंपी गई।
पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई से मतभेद के बाद उन्होंने वर्ष 2014 में सभी सरकारी पदों से इस्तीफा दे दिया और 2015 में विधानसभा की सदस्यता भी छोड़ दी। इसी वर्ष वे भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए। इसके बाद 2016 में उन्होंने चौथी बार जालुकबारी से जीत हासिल कर कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली।
वर्ष 2021 में वे असम के पंद्रहवें मुख्यमंत्री बने और अब एक बार फिर उन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर दूसरी बार यह जिम्मेदारी संभाली है।
डॉ. सरमा का पारिवारिक जीवन भी सुर्खियों में रहा है। उनकी पत्नी रिनिकी भुइयां शर्मा एक सफल उद्यमी हैं तथा उनके पुत्र नंदील बिस्व सरमा और पुत्री सुकन्या सरमा हैं।








.jpg)



