नई दिल्ली, 12 मई।
राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) 2026 के कथित प्रश्नपत्र लीक को लेकर मंगलवार को शास्त्री भवन के बाहर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संघ द्वारा जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान संगठन ने परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठाए।
एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से मांग की कि राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी को पूरी तरह समाप्त किया जाए, क्योंकि यह संस्था विश्वसनीय और निष्पक्ष परीक्षाएं कराने में असफल साबित हुई है। साथ ही उन्होंने इस पूरे मामले की जांच सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में कराने की मांग भी रखी।
प्रदर्शन के दौरान सरकार की शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए गए। संगठन का कहना है कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों से यह स्पष्ट हो गया है कि व्यवस्था छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने में विफल रही है और शिक्षा माफियाओं के प्रभाव को रोकने में भी नाकाम साबित हुई है।
संगठन ने चेतावनी दी है कि जब तक इस कथित घोटाले में शामिल सभी व्यक्तियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक देशभर में शिक्षा में न्याय और जवाबदेही की लड़ाई जारी रहेगी।



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