नेपाल के उच्चतम न्यायालय ने विश्वविद्यालयों में छात्र संगठनों को समाप्त करने के सरकार के निर्णय पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाते हुए अंतरिम आदेश जारी किया है। इस आदेश के बाद छात्र संगठनों को फिलहाल राहत मिल गई है और सरकार का फैसला लागू नहीं हो सकेगा।
यह मामला आठ छात्र संगठनों द्वारा दायर याचिका के बाद सामने आया, जिन्होंने सरकार के निर्णय को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। इन सभी संगठनों का संबंध विभिन्न राजनीतिक दलों, जैसे नेपाली कांग्रेस और यूएमएल, सहित अन्य दलों से बताया गया है।
याचिका पर सुनवाई न्यायमूर्ति श्रीकान्त पौडेल की एकल पीठ ने की। न्यायालय की वेबसाइट पर मंगलवार को जारी जानकारी के अनुसार, अदालत ने दोनों पक्षों को अगली बहस के लिए उपस्थित होने का निर्देश भी दिया है।
छात्र संगठनों की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि सरकार का निर्णय संविधान द्वारा प्रदत्त संगठन बनाने की स्वतंत्रता, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन करता है।







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