हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिवस मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार ने कमजोर रुख के साथ कारोबार की शुरुआत की और प्रारंभिक सत्र में ही बाजार लाल निशान में प्रवेश कर गया। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव तथा अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज़ी का प्रभाव निवेश धारणा पर स्पष्ट रूप से देखने को मिला, जिसके चलते शुरुआती कारोबार में व्यापक बिकवाली का दबाव बना रहा। लगातार दूसरे दिन बाजार में गिरावट का क्रम जारी है, जिसमें सेंसेक्स और निफ्टी दोनों सूचकांकों में उल्लेखनीय कमजोरी दर्ज की गई है।
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 768.84 अंक अर्थात 1.01 प्रतिशत की गिरावट के साथ 75,246.44 के स्तर पर कारोबार करता देखा गया। इसी प्रकार नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 210.05 अंक यानी 0.88 प्रतिशत टूटकर 23,605.80 के स्तर पर ट्रेंड करता रहा।
बाजार विश्लेषकों के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा निरंतर की जा रही पूंजी निकासी तथा अमेरिका और ईरान के मध्य शांति वार्ता से जुड़ी अनिश्चितता ने निवेशकों के विश्वास को प्रभावित किया है। पश्चिम एशिया में तनाव के बढ़ने तथा कूटनीतिक समाधान की संभावनाओं के कमजोर पड़ने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी दर्ज की गई है, जिसका प्रत्यक्ष प्रभाव घरेलू मुद्रा पर पड़ा है। इसी क्रम में भारतीय रुपया शुरुआती कारोबार में 35 पैसे कमजोर होकर 95.63 के अब तक के निम्नतम स्तर पर पहुंच गया।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व के कारोबारी सत्र में भी बाजार में भारी दबाव देखा गया था, जहां सेंसेक्स 1313 अंकों की गिरावट के साथ 76,015 के स्तर पर बंद हुआ था, वहीं निफ्टी 360 अंकों की कमजोरी के साथ 23,815 के स्तर पर बंद हुआ था।









.jpg)


