पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य पर संप्रभु अधिकारों की मांग उठाई है। ईरान की ओर से अमेरिका को दिए गए नए प्रस्ताव में इस समुद्री मार्ग पर अधिक नियंत्रण की इच्छा व्यक्त की गई है, जिसे वैश्विक तेल आपूर्ति की प्रमुख जीवनरेखा माना जाता है।
होर्मुज जलडमरूमध्य विश्व के सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल है, जिसके जरिए खाड़ी देशों का कच्चा तेल दुनिया के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचता है। हाल के महीनों में क्षेत्रीय तनाव बढ़ने के बाद इस मार्ग में सैन्य गतिविधियों में तेजी आई है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग व्यवस्था पर चिंता गहराई है।
यह जलमार्ग ईरान और ओमान के बीच स्थित है और दोनों देशों के विशेष आर्थिक क्षेत्र इसके कुछ हिस्सों को कवर करते हैं। अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के अनुसार तटीय देशों को अपने विशेष आर्थिक क्षेत्र में संसाधनों के उपयोग और प्रबंधन का अधिकार प्राप्त होता है, लेकिन अन्य देशों के जहाजों को शांतिपूर्ण मार्ग से गुजरने की अनुमति भी सुनिश्चित की जाती है।
संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून संधि के तहत यह प्रावधान है कि किसी भी देश को विदेशी जहाजों के “निर्दोष मार्ग” में बाधा नहीं डालनी चाहिए, जब तक सुरक्षा से जुड़ी विशेष परिस्थिति न हो। ऐसे में ईरान की मांग को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कानूनी और कूटनीतिक बहस और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।





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