इस्लामाबाद, 12 मई।
पाकिस्तान के अशांत प्रांत बलोचिस्तान में 12 मजदूरों की सामूहिक हत्या के बाद तटरक्षक बल के खिलाफ भारी आक्रोश फैल गया है। आरोप है कि 11 मई को ग्वादर के कुंतानी और जिवानी क्षेत्रों में पाकिस्तान के कोस्ट गार्ड ने कम से कम 12 बलोच मजदूरों और मछुआरों की गोली मारकर हत्या कर दी। इस हमले में कुछ लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं।
स्थानीय नागरिकों और बलोच कार्यकर्ताओं का कहना है कि तटरक्षक बल ने निहत्थे लोगों पर अंधाधुंध फायरिंग की, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब बलोचिस्तान पहले से ही लंबे समय से चल रहे संघर्ष और सुरक्षा बलों पर मानवाधिकार उल्लंघन के आरोपों से जूझ रहा है।
बलोच छात्र संगठन आजाद के मुख्य प्रवक्ता ने इस घटना को तटरक्षक बल की बर्बरता का चरम बताते हुए कहा कि रोजी-रोटी की तलाश में निकले लगभग एक दर्जन मजदूरों को बेरहमी से मार दिया गया। उनका आरोप है कि बलोच नागरिकों को उनके बुनियादी आर्थिक अधिकारों से वंचित किया जा रहा है और उन्हें कठिन परिस्थितियों में काम करने के लिए मजबूर होना पड़ता है। उन्होंने यह भी कहा कि इससे पहले भी कई बार बलोच मजदूरों को निशाना बनाया जा चुका है।
प्रवक्ता ने आगे आरोप लगाया कि तटरक्षक बल, सेना, पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी इलाके के गरीब मजदूरों, ड्राइवरों और दुकानदारों से जबरन वसूली करते हैं। उन्होंने लोगों से इस घटना के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की है।
इस हत्याकांड की कड़ी निंदा बलोचिस्तान नेशनल पार्टी और नेशनल पार्टी ने भी की है। बलोचिस्तान नेशनल पार्टी ने बयान में कहा कि जो शासक रोटी, कपड़ा और मकान का दावा करते हैं, वही सीमाओं और व्यापार को बंद कर लोगों से जीने का अधिकार छीन रहे हैं।
पार्टी ने मांग की है कि घटना को दबाने के बजाय इसमें शामिल सभी अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए और दोषियों को न्याय के कठघरे में लाया जाए। वहीं नेशनल पार्टी ने इस घटना को क्रूर, निंदनीय और मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन बताया है।
हक दू तहरीक के केंद्रीय कार्यालय ने भी घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों को कठोर सजा देने की मांग की है। संगठन ने कहा कि गोलीबारी में शामिल अधिकारियों और जिम्मेदार पदाधिकारियों के खिलाफ तुरंत हत्या का मामला दर्ज किया जाए, उन्हें नौकरी से हटाया जाए और दंडित किया जाए। साथ ही पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग भी की गई है।








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