काठमांडू, 12 मई।
नेपाल की बालेन्द्र सरकार ने अपनी पहली वार्षिक नीति एवं कार्यक्रम में देश को वैश्विक स्तर पर आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की महत्वाकांक्षी योजना प्रस्तुत की है। राष्ट्रपति द्वारा संसद में पेश इस नीति एवं कार्यक्रम में “देवभूमि नेपाल” नामक राष्ट्रीय अभियान शुरू करने की घोषणा की गई है।
इस अभियान के अंतर्गत न केवल नेपाल और भारत, बल्कि विश्वभर में बसे हिंदू समुदाय को ध्यान में रखते हुए नेपाल को धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करने के लिए कई योजनाएं लागू करने की बात कही गई है। नीति में धार्मिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और अवकाश आधारित तीर्थ एवं पर्यटन को प्राथमिकता देते हुए देश को उभरते वैश्विक पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।
सरकार ने अपने नीति दस्तावेज में “आध्यात्मिक तीर्थ कूटनीति” को प्रमुख आधार बताते हुए पशुपतिनाथ से मुक्तिनाथ तक तथा लुम्बिनी क्षेत्र से जनकपुरधाम तक के धार्मिक स्थलों को एकीकृत पर्यटन नेटवर्क से जोड़ने की योजना का उल्लेख किया है। इन सभी आध्यात्मिक स्थलों का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार किए जाने की बात भी कही गई है।
इसके साथ ही सरकार ने कम से कम पांच हजार नए होमस्टे को “नेपाल होमस्टे” ब्रांड के रूप में विकसित कर उन्हें ऑनलाइन बुकिंग प्लेटफॉर्म से जोड़ने की योजना बनाई है, ताकि ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा मिल सके।
नेपाल को साहसिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए पर्वतारोहण, ट्रेकिंग, राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग, बंजी जम्प और स्काइडाइविंग जैसी गतिविधियों के लिए बुनियादी ढांचे और सुरक्षा मानकों को मजबूत करने की भी घोषणा की गई है।








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