हाइपरटेंशन मुक्त हीरानगर बनाने की दिशा में चल रहे अभियान की प्रगति की समीक्षा के लिए उपमंडल स्तर पर एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपमंडल मजिस्ट्रेट ने की, जिसमें सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के साथ विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हुए। अभियान के तहत गांवों में उच्च रक्तचाप के मरीजों की पहचान और जांच प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में भैया जोन के अंतर्गत आने वाले छन्न खत्रियां, गुढ़ाह मुंडियां, गुढ़ाह बैलदारां, सैद, छन्न मोरियां, कूटाह, मेला, धमयाल और सतूरा जैसे गांवों में स्क्रीनिंग कार्य को तेज करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि घर-घर जाकर सर्वे किया जाए ताकि वे लोग भी चिन्हित हो सकें जो जानकारी या स्वास्थ्य सेवाओं की कमी के कारण अब तक सामने नहीं आए हैं।
बैठक में यह भी बताया गया कि सिविल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त प्रयासों से स्वास्थ्य जांच शिविर, जागरूकता अभियान और चिकित्सा सेवाओं से जुड़ी गतिविधियां लगातार चलाई जा रही हैं। चिकित्सा टीमों को नियमित रूप से शिविर लगाने के निर्देश दिए गए ताकि उच्च रक्तचाप सहित जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों की समय पर पहचान और उपचार सुनिश्चित किया जा सके।
अधिकारियों ने आम लोगों को उच्च रक्तचाप के खतरे और उसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने पर विशेष बल दिया। साथ ही संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, तनाव नियंत्रण और दवाओं के सही उपयोग की आवश्यकता पर भी विस्तार से जानकारी दी गई।
अभियान का उद्देश्य लोगों को स्वास्थ्य के प्रति सजग बनाना और उन्हें निवारक उपाय अपनाने के लिए प्रेरित करना है, ताकि समाज को अधिक स्वस्थ बनाया जा सके। चिन्हित मरीजों को स्वास्थ्य केंद्रों और शिविरों के माध्यम से निशुल्क दवाएं, परामर्श और नियमित फॉलोअप सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।







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