रांची, 15 मई।
केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री ने रांची में सीएमपीडीआई के कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए संगठन के प्रदर्शन का आकलन किया। बैठक में वर्ष 2025-26 की विभिन्न गतिविधियों और 2026-27 के लक्ष्यों पर विस्तार से चर्चा की गई।
इस समीक्षा बैठक में सीएमपीडीआई के सीएमडी, सीसीएल के सीएमडी, एमईसीएल के सीएमडी सहित तकनीकी निदेशक और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में अन्वेषण, रिपोर्ट तैयार करने, पूंजीगत व्यय, अनुसंधान एवं विकास परियोजनाओं, कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व और सौर परियोजनाओं के क्षेत्र में किए गए कार्यों की प्रस्तुति दी गई।

मंत्री ने सीएमपीडीआई के प्रदर्शन की सराहना करते हुए स्वच्छ कोयला तकनीक और रणनीतिक खनिजों के अन्वेषण पर जोर दिया, जिन्हें देश की ऊर्जा और आर्थिक सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताया गया। उन्होंने खरीद प्रक्रियाओं को सरल बनाने, पारदर्शिता बढ़ाने और परियोजनाओं में देरी रोकने के लिए अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में यह भी सुझाव दिया गया कि खनन बंद होने के बाद की भूमि को स्थानीय समुदायों के लिए आजीविका के अवसरों में बदला जाए, जिसमें मखाना की खेती और मत्स्य पालन को बढ़ावा देने की बात कही गई। इसे सरकार की एक जिला एक उत्पाद पहल के अनुरूप बताया गया।

इस अवसर पर सीएमपीडीआई और एमईसीएल के बीच खनिज अन्वेषण के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। यह साझेदारी कोयला एवं अन्य खनिजों के अन्वेषण को मजबूत करेगी और देश में नए खनन क्षेत्रों के विकास में मदद करेगी।
यह पहल आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे देश के खनिज संसाधनों के विकास और आत्मनिर्भरता को नई गति मिलेगी।














