काठमांडू, 16 मई।
नेपाल-भारत सीमा नाकों पर दैनिक उपयोग की वस्तुओं पर लगाए जा रहे कस्टम शुल्क को लेकर उच्चतम न्यायालय ने बड़ा निर्णय देते हुए 100 रुपये से अधिक मूल्य के सामान पर लगाए गए भंसार शुल्क पर रोक लगा दी है।
न्यायालय की न्यायाधीश हरि प्रसाद फुयाल और टेक प्रसाद ढुंगाना की संयुक्त पीठ ने वित्त मंत्रालय के उस आदेश पर अंतरिम रोक लगाई है, जिसमें 100 रुपये से अधिक मूल्य के भारतीय सामान पर भंसार शुल्क अनिवार्य किया गया था।
इस व्यवस्था को व्यापार संधि के प्रावधानों के विपरीत बताते हुए अधिवक्ता अमितेश पण्डित सहित अन्य याचिकाकर्ताओं ने अदालत में रिट याचिका दायर की थी।
वित्त मंत्रालय द्वारा पहले लिए गए निर्णय के बाद सीमा के तराई-मधेश क्षेत्र में स्थित नाकों पर सख्ती बढ़ा दी गई थी, जिसके चलते स्थानीय स्तर पर विरोध भी देखने को मिला था।
27 अप्रैल को दायर याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई के बाद अदालत ने सरकार को अंतरिम आदेश पर पक्ष रखने के लिए बुलाया था। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद शुक्रवार को अदालत ने प्रधानमंत्री एवं मंत्रिपरिषद कार्यालय, वित्त मंत्रालय, गृह मंत्रालय तथा कस्टम विभाग को निर्देश जारी करते हुए तत्काल इस व्यवस्था पर रोक लगाने का आदेश दिया।
प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह के नेतृत्व में सरकार गठन के बाद सीमा नाकों पर सख्ती बढ़ाई गई थी। इस दौरान सुरक्षा बलों द्वारा सामान जब्त किए जाने के दृश्य सामने आने के बाद विरोध तेज हो गया था, हालांकि सरकार अपने निर्णय पर अडिग रही।














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