पूर्वी सिंहभूम, 16 मई।
सीतारामडेरा थाना क्षेत्र के भालूबासा में हुए जानलेवा हमले में गंभीर रूप से घायल मोहम्मद मुमताज ने उपचार के दौरान शुक्रवार सुबह दम तोड़ दिया। वह कई दिनों से रांची स्थित अस्पताल में जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहे थे। उनकी मौत की सूचना मिलते ही परिजनों के साथ पूरे इलाके में शोक की लहर के साथ गहरा आक्रोश फैल गया।
शुक्रवार देर शाम एंबुलेंस से शव मानगो के चेपा पुल पहुंचते ही परिजनों और स्थानीय लोगों का गुस्सा भड़क उठा। बड़ी संख्या में लोग एकत्र होकर शव को सड़क पर रखकर विरोध प्रदर्शन करने लगे, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया और दोनों ओर लंबा जाम लग गया। देर रात तक क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही और प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाकर विरोध जताया।
प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि मामले में शामिल सभी आरोपियों को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है। लोगों ने फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग उठाई, जबकि परिजनों ने स्पष्ट किया कि सभी आरोपियों की गिरफ्तारी तक आंदोलन जारी रहेगा।
सूचना मिलने पर आजादनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर स्थिति नियंत्रित करने का प्रयास किया। काफी समझाइश के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर थाना भेजा और एंबुलेंस को सुरक्षा के बीच वहां से हटाया गया।
इस मामले में सीतारामडेरा थाना पुलिस पहले ही नामजद आरोपी रोहित मुखी और राजू मुस्खी को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि एक अन्य आरोपी अभी फरार है और उसकी तलाश में लगातार छापेमारी जारी है।
मृतक के छोटे भाई मोहम्मद फैयाज ने बताया कि मुमताज परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे, जबकि उनके पिता ठेला चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनकी मौत के बाद परिवार पूरी तरह टूट गया है और पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।














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