नई दिल्ली, 15 मई।
देश की सर्वोच्च अदालत ने ईंधन की बचत और वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए न्यायिक कार्यप्रणाली में बड़ा बदलाव किया है।
सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय लिया है कि प्रत्येक सप्ताह सोमवार और शुक्रवार को सभी सुनवाई पूरी तरह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की जाएगी, जबकि मंगलवार से गुरुवार तक हाइब्रिड व्यवस्था लागू रहेगी।
इस नई व्यवस्था के तहत वकीलों और पक्षकारों को भौतिक या वर्चुअल रूप से उपस्थित होने का विकल्प मिलेगा, वहीं न्यायालय ने न्यायाधीशों के बीच कार पूलिंग को भी प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया है ताकि ईंधन का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।
इसके अलावा रजिस्ट्री में कार्यरत कर्मचारियों के लिए भी वर्क फ्रॉम होम की सुविधा सीमित रूप से लागू की गई है, जिसमें सप्ताह में दो दिन तक 50 प्रतिशत स्टाफ घर से कार्य कर सकेगा।
हालांकि प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि कार्य की आवश्यकता के अनुसार वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था में बदलाव किया जा सकता है ताकि न्यायिक कार्य प्रभावित न हो।
यह निर्णय प्रधानमंत्री की उस अपील के बाद आया है जिसमें उन्होंने वैश्विक परिस्थितियों के कारण ईंधन की बचत और अनावश्यक यात्रा कम करने की सलाह दी थी।




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