कोलकाता, 15 मई।
पश्चिम बंगाल में बांग्लादेश सीमा पर लंबित बाड़बंदी कार्य को गति देने के लिए सीमा सुरक्षा बल को भूमि हस्तांतरण की विस्तृत तीन-स्तरीय योजना तैयार की गई है। राज्य सचिवालय से जुड़े सूत्रों के अनुसार इस पूरी प्रक्रिया को 45 दिनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
योजना के प्रथम चरण में अंतरराष्ट्रीय सीमा के समीप स्थित वे सरकारी भूखंड तत्काल बीएसएफ को सौंपे जाएंगे, जहां अब तक बाड़बंदी कार्य नहीं हो सका है। इससे कंटीले तार लगाने का प्रारंभिक कार्य तुरंत आगे बढ़ सकेगा।
द्वितीय चरण में सीमा से सटी निजी भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। भूमि स्वामियों को वर्तमान बाजार दर से अधिक मुआवजा देने का प्रावधान रखा गया है, जिसके बाद अधिग्रहीत भूमि बीएसएफ को हस्तांतरित कर दी जाएगी ताकि बाड़बंदी का कार्य आगे बढ़ सके।
तीसरे चरण में सीमा क्षेत्र में मौजूद अतिक्रमित भूमि को खाली कराया जाएगा और उसे राज्य के नियंत्रण में लेकर बीएसएफ को सौंपा जाएगा, जिससे पूरी बाड़बंदी प्रक्रिया पूर्ण हो सके।
सूत्रों के अनुसार पहले चरण की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है और प्रत्येक चरण के लिए अलग-अलग समयसीमा तय की गई है। सरकार का दावा है कि मंत्रिमंडल के निर्णय के 45 दिनों के भीतर पूरा अभियान समाप्त कर दिया जाएगा।
इस पूरी व्यवस्था की निगरानी की जिम्मेदारी मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती को सौंपी गई है, जिन्हें “विकास कार्यों की प्रधान समन्वयक” के रूप में भूमि हस्तांतरण और कार्यान्वयन प्रक्रिया की देखरेख का दायित्व दिया गया है।
बांग्लादेश सीमा पर बाड़बंदी के लिए भूमि उपलब्ध कराने का मुद्दा लंबे समय से लंबित रहा है। चुनाव पूर्व संकल्प पत्र में इसे प्रमुख वादों में शामिल किया गया था और केंद्रीय गृह मंत्री ने भी कहा था कि सरकार बनने पर यह प्राथमिक निर्णयों में शामिल रहेगा।














