पूर्वी चंपारण, 15 मई।
भारत-नेपाल सीमा से सटे रक्सौल क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई के दौरान एक सोमालियाई नागरिक को हिरासत में लिया गया। यह कार्रवाई सशस्त्र सीमा बल और आव्रजन विभाग की टीम द्वारा सीमा पर चलाए जा रहे नियमित जांच अभियान के दौरान की गई, जब एक विदेशी नागरिक नेपाल की ओर जाने का प्रयास कर रहा था और उसके व्यवहार पर संदेह हुआ।
प्रारंभिक पूछताछ और दस्तावेजों की जांच में यह तथ्य सामने आया कि संबंधित व्यक्ति मेडिकल वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद भी भारत में अवैध रूप से रह रहा था। उसका नाम सोमाली गणराज्य निवासी महमेद अहमद फराह खदरा गेडी मोहामूद बताया गया है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार वह इससे पहले हैदराबाद के टोली चौकी क्षेत्र में अन्य सोमालियाई नागरिकों के साथ रह रहा था। अब उसके भारत में ठहराव, संपर्क और गतिविधियों की गहन जांच की जा रही है।
जांच के दौरान यह भी पाया गया कि उसने यात्रा दस्तावेजों में हेरफेर कर वीजा की अवधि बढ़ाने का प्रयास किया था। दस्तावेजों के तकनीकी परीक्षण में फर्जीवाड़े के संकेत भी मिले हैं, जिसकी विस्तृत जांच की जा रही है।
पूछताछ में यह जानकारी भी सामने आई कि वह भारत में संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त के कार्ड के सहारे रह रहा था, हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह दस्तावेज भारत में रहने या सीमा पार करने के लिए वैध नहीं माना जाता।
अधिकारियों ने बताया कि भारत में किसी भी विदेशी नागरिक के लिए वैध पासपोर्ट और वीजा अनिवार्य है और नियमों के उल्लंघन को गंभीर अपराध माना जाता है। तलाशी के दौरान उसके पास सोमाली गणराज्य का पासपोर्ट भी बरामद हुआ, जिसकी वैधता लंबी अवधि की बताई गई है, लेकिन वीजा समाप्त होने के बाद उसका भारत में रहना अवैध पाया गया।
सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि वह नेपाल क्यों जा रहा था और क्या उसके संबंध किसी अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क या अवैध गतिविधियों से जुड़े हो सकते हैं। इस पूरे मामले को गंभीर मानते हुए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
आव्रजन विभाग की कार्रवाई के बाद उसे आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए स्थानीय थाना पुलिस को सौंप दिया गया है। इस मामले में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी गई है और पुलिस तथा केंद्रीय एजेंसियां संयुक्त रूप से पूरे प्रकरण की तहकीकात कर रही हैं।















