बेंगलुरु, 13 मई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 10 मई को बेंगलुरु दौरे के दौरान कार्यक्रम स्थल के पास विस्फोटक सामग्री मिलने के मामले में अब जांच के दौरान एक और अहम खुलासा हुआ है। उसी स्थान से पुलिस को तीन दिन बाद एक इलेक्ट्रॉनिक सर्किट और टाइमर बरामद हुआ है, जिसे एक गत्ते के डिब्बे में रखा गया था, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और बढ़ गई है।
पुलिस के अनुसार यह बरामद सामग्री विस्फोट को सक्रिय करने में उपयोग की जा सकती थी, हालांकि जांच में यह भी सामने आया है कि संदिग्ध इसे पूरी तरह जोड़ने में सफल नहीं हो सके थे। इससे पहले 10 मई की सुबह बम होने की सूचना मिलने पर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई थीं और कोरमंगला क्षेत्र से एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया था। इसके बाद हाईवे के पास से जिलेटिन की छड़ें भी बरामद हुई थीं, जो उसी मार्ग के आसपास पाई गईं, जहां से प्रधानमंत्री के काफिले के गुजरने की संभावना थी।
उसी दिन प्रधानमंत्री एक बड़े कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे, जहां उन्होंने ध्यान मंदिर का उद्घाटन किया और विकास व पर्यावरण से जुड़ी कई योजनाओं की शुरुआत की। इस आयोजन में बड़ी संख्या में अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागी भी जुड़े थे।
घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने मामले की जांच तेज कर दी है और पूरे सुरक्षा तंत्र की समीक्षा की जा रही है। प्रधानमंत्री की सुरक्षा विशेष सुरक्षा समूह के जिम्मे होती है, जो अत्याधुनिक सुरक्षा व्यवस्था के तहत कार्य करता है। इससे पहले भी वर्ष 2022 में पंजाब के फिरोजपुर में सुरक्षा चूक का मामला सामने आ चुका है। जांच अभी जारी है।










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