नई दिल्ली, 13 मई।
भारत और श्रीलंका ने महिला एवं बाल विकास के क्षेत्र में आपसी सहयोग को और गहरा करने पर चर्चा की है। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने बुधवार को श्रीलंका की महिला एवं बाल मामलों की मंत्री सरोजा सावित्री पॉलराज और श्रीलंका की महिला सांसदों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। यह मुलाकात नई दिल्ली स्थित मंत्रालय में हुई, जहां दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में महिला एवं बाल विकास से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों जैसे लैंगिक समानता, मातृ एवं शिशु कल्याण, देखभाल अर्थव्यवस्था और शासन में महिलाओं की भागीदारी को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। मंत्रालय ने श्रीलंकाई प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि यह दौरा दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो महिला एवं बाल कल्याण के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है।
श्रीलंकाई प्रतिनिधिमंडल को भारत की प्रमुख योजनाओं—मिशन शक्ति, मिशन वात्सल्य और मिशन सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0—के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। बातचीत के दौरान डिजिटल शासन और तकनीक आधारित सेवाओं के उपयोग पर भी चर्चा हुई, जिससे महिलाओं की सुरक्षा, पोषण, सशक्तिकरण और कल्याण से जुड़ी सेवाओं को और प्रभावी बनाया जा सके।
केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि भारत सरकार ने महिला नेतृत्व वाले विकास मॉडल को अपनाया है, जिसमें महिलाओं को विकास यात्रा में समान भागीदार माना गया है। उन्होंने संस्थागत तंत्र को मजबूत करने और कल्याणकारी ढांचे के विस्तार पर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
श्रीलंकाई मंत्री सरोजा सावित्री पॉलराज ने भारत की महिला एवं बाल कल्याण योजनाओं की सराहना करते हुए कहा कि भारत का समावेशी दृष्टिकोण अनुकरणीय है। उन्होंने भारत के अनुभवों और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों से सीखने की इच्छा भी व्यक्त की।
बैठक के अंत में दोनों पक्षों ने संस्थागत सहयोग और ज्ञान साझा करने को बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई। कार्यक्रम का समापन स्मृति-चिह्नों के आदान-प्रदान और सामूहिक फोटो के साथ हुआ।










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