नई दिल्ली, 13 मई।
नीट परीक्षा 2026 से जुड़े मामले में एक बार फिर बड़ा मोड़ सामने आया है, जहां बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका दायर की गई है। इस याचिका में परीक्षा को रद्द कर न्यायालय की निगरानी में दोबारा आयोजित कराने की मांग की गई है, जिससे मामले को लेकर बहस और तेज हो गई है।
यह याचिका फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन की ओर से दाखिल की गई है, जिसमें कहा गया है कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की कार्यप्रणाली पर अब भरोसा नहीं बचा है और इसकी गवर्निंग व्यवस्था में बदलाव आवश्यक हो गया है।
इसी बीच जांच एजेंसियों की कार्रवाई भी लगातार आगे बढ़ रही है। केंद्रीय जांच ब्यूरो ने अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें राजस्थान, हरियाणा और महाराष्ट्र से जुड़े लोग शामिल हैं। हाल ही में नासिक और अहिल्यानगर से दो आरोपियों को हिरासत में लिया गया है, जिन पर प्रश्न पत्र उपलब्ध कराने और प्राप्त करने का आरोप है। साथ ही एक अन्य छात्र को भी हिरासत में लिया गया है, जिस पर नेटवर्क से जुड़े होने का संदेह है।
जांच में यह भी सामने आया है कि प्रश्न पत्र लीक का मामला कई राज्यों तक फैला हुआ है। राजस्थान के कुछ जिलों में भी गिरफ्तारियां हुई हैं, जहां से पेपर कथित रूप से खरीदे जाने की जानकारी मिली है। एजेंसियां अब पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं कि यह कितनी दूर तक फैला हुआ है।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के महानिदेशक ने स्वीकार किया है कि परीक्षा प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं और दोबारा परीक्षा आयोजित करने की बात कही है, साथ ही नई तिथि जल्द घोषित किए जाने की जानकारी दी गई है। केंद्र सरकार ने मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो को सौंप दी है और आगे की कार्रवाई जारी है।
इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक दलों और छात्र संगठनों ने भी चिंता जताई है और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग की है। उनका कहना है कि लगातार सामने आ रही अनियमितताओं से छात्रों के भविष्य पर असर पड़ रहा है।










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