नई दिल्ली, 14 मई।
दिल्ली सरकार ने ईंधन बचत और संसाधनों के बेहतर उपयोग को लेकर कई महत्वपूर्ण कदम उठाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में सचिवालय में हुई उच्चस्तरीय बैठक में सरकारी कार्यालयों में सप्ताह में दो दिन घर से काम की व्यवस्था लागू करने सहित कई बड़े फैसले लिए गए।
मुख्यमंत्री ने सचिवालय में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि वैश्विक परिस्थितियों के बीच देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए हर नागरिक को अपनी जीवनशैली में छोटे बदलाव अपनाने की जरूरत है। इसी दिशा में दिल्ली सरकार आगामी 90 दिनों तक जन-जागरूकता अभियान चलाएगी।
सरकारी कार्यालयों में सप्ताह में दो दिन कर्मचारियों को घर से कार्य करने की सुविधा दी जाएगी। इसके साथ निजी क्षेत्र को भी सप्ताह में दो दिन ऐसी व्यवस्था अपनाने के लिए परामर्श जारी किया गया है।
सरकार ने ईंधन की बचत को प्राथमिकता देते हुए सरकारी वाहनों की खपत में 20 प्रतिशत कमी लाने का लक्ष्य तय किया है। साथ ही प्रत्येक सोमवार मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और सरकारी कर्मचारी मेट्रो से दफ्तर पहुंचेंगे। नागरिकों से भी सप्ताह में एक दिन निजी वाहन का उपयोग नहीं करने की अपील की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले छह महीने तक दिल्ली सरकार पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और अन्य नई सरकारी गाड़ियों की खरीद नहीं करेगी। साथ ही कर्मचारियों को सार्वजनिक परिवहन के उपयोग के लिए प्रोत्साहित करते हुए परिवहन भत्ते में भी बदलाव किया गया है। यदि कर्मचारी अपने परिवहन भत्ते का 20 प्रतिशत हिस्सा मेट्रो, डीटीसी अथवा सार्वजनिक परिवहन कार्ड पर खर्च करता है, तो उसे अतिरिक्त लाभ मिलेगा।
सरकार ने माल परिवहन में ट्रकों के बजाय रेल मार्ग के उपयोग को बढ़ावा देने का भी निर्णय लिया है। इसके अलावा अगले एक वर्ष तक दिल्ली सरकार के मंत्री और अधिकारी किसी सरकारी विदेशी दौरे पर नहीं जाएंगे।
दिल्ली सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकारी उपयोग में स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता दी जाएगी और भारत में निर्मित वस्तुओं के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलेगा।








.jpg)



