रायपुर, 26 मार्च 2026।
छत्तीसगढ़ में गैस की उपलब्धता और वितरण प्रणाली को लेकर खाद्य विभाग की सचिव रीना बाबा साहब कंगाले ने नवा रायपुर स्थित महानदी भवन में ऑयल कंपनियों के क्षेत्रीय प्रबंधकों के साथ समीक्षा बैठक की।
बैठक में एलपीजी की उपलब्धता, वितरण प्रणाली और उपभोक्ता संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कमर्शियल एलपीजी उपभोक्ताओं को पिछले माह की कुल खपत का अधिकतम 20 प्रतिशत तक ही वितरण किया जाएगा। शहरी क्षेत्रों में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन के भीतर एलपीजी रिफिल की ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि सभी एलपीजी वितरकों के कार्यालय और गोदामों में पुलिस और होमगार्ड के माध्यम से सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी तरह की भीड़भाड़ या अव्यवस्था न हो। वितरकों को अपने दूरभाष नंबर सक्रिय रखने और उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित समाधान करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
उपलब्ध स्टॉक को ध्यान में रखते हुए विभिन्न संस्थानों के लिए प्राथमिकता श्रेणियां तय की गई हैं। इसमें शैक्षणिक संस्थान, चिकित्सालय, सैन्य और अर्द्धसैन्य कैंप, जेल, होटल, समाज कल्याण विभाग के संस्थान, रेलवे और एयरपोर्ट कैंटीन, शासकीय कार्यालय, गेस्ट हाउस, पशु आहार उत्पादक इकाइयां और रेस्टोरेंट शामिल हैं।
बैठक में यह भी तय किया गया कि कमर्शियल एलपीजी स्टॉक की उपलब्धता और वितरण की दैनिक समीक्षा ऑयल कंपनियों द्वारा की जाएगी और इसकी जानकारी प्रतिदिन विभाग को उपलब्ध कराई जाएगी। इस अवसर पर खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग की संचालक डॉ. फरिहा आलम, छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के सदस्य सचिव राजीव कुमार जायसवाल, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के मंडल एलजी प्रमुख श्रीपाद बक्षी, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन के प्रादेशिक प्रबंधक दिलीप मीणा और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन के क्षेत्रीय प्रबंधक मंगेश डोंगरे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।











