कोलकाता, 01 अप्रैल।
नादिया जिले के हंसखाली प्रखंड में मतदान प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान हुई हिंसा के मामले में चुनाव आयोग ने सख्त कदम उठाते हुए प्रखंड विकास अधिकारी सायंतन भट्टाचार्य को निलंबित करने का आदेश दिया है। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
घटना 27 मार्च को हंसखाली प्रखंड के एक स्कूल में आयोजित प्रशिक्षण सत्र के दौरान हुई, जिसमें एक शिक्षक सैकत चट्टोपाध्याय के सिर में चोट लगी। मामले में रानाघाट थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
चुनाव आयोग ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि बीडीओ सायंतन भट्टाचार्य, जो पश्चिम बंगाल सिविल सेवा (कार्यकारी) के अधिकारी हैं और प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रभारी थे, ने अपने चुनावी कर्तव्यों के निर्वहन में आवश्यक प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया।
आदेश में कहा गया कि प्रभारी अधिकारी की लापरवाही से हुई यह घटना स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराने के आयोग के प्रयासों पर प्रतिकूल असर डालती है।
आयोग ने सायंतन भट्टाचार्य को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने और उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू करने का निर्देश दिया है। साथ ही राज्य प्रशासन को आदेशों का पालन कर अनुपालन रिपोर्ट सौंपने का आदेश भी दिया गया है।
घायल शिक्षक सैकत चट्टोपाध्याय का आरोप है कि प्रशिक्षण सत्र शुरू होने से पहले सरकारी विज्ञापन में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तस्वीर दिखाए जाने पर उन्होंने आपत्ति जताई थी।
प्रतिभागियों के अनुसार, प्रोजेक्टर पर मुख्यमंत्री की तस्वीर वाला सरकारी विज्ञापन दिखाया गया, जिसे कुछ मतदान अधिकारियों ने आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन बताया।
सैकत चट्टोपाध्याय ने कहा कि उन्होंने आचार संहिता लागू होने के बावजूद यह सवाल उठाया, तो उनके साथ मारपीट की गई और उन्हें धमकी दी गई।












