रायसेन, 03 अप्रैल 2026।
रायसेन के दशहरा मैदान में 11 से 13 अप्रैल तक आयोजित होने वाला राष्ट्रीय स्तर का उन्नत कृषि महोत्सव किसानों के लिए खेती-किसानी में बदलाव की नई राह खोलने वाला साबित होगा। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण व ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि यह मेला सिर्फ प्रदर्शन नहीं, बल्कि तीन दिनों का ऐसा आयोजन है, जहाँ किसानों को “बीज से बाजार तक” और “प्रयोगशाला से खेत तक” की पूरी यात्रा दिखाई जाएगी। उद्घाटन सत्र में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी उपस्थित रहेंगे।
महोत्सव में किसानों को नई तकनीक, उन्नत बीज, ड्रोन, आधुनिक मशीनें, सूक्ष्म सिंचाई, पशुपालन–मत्स्यपालन, प्रसंस्करण, एफपीओ और ग्रामीण आजीविका से संबंधित स्टॉल पर प्रशिक्षण और जानकारी एक ही जगह मिलेगी। केंद्रीय कृषि मंत्री ने बताया कि इस मेले में लगभग तीन सौ स्टॉल होंगे और किसान देखेंगे, सीखेंगे और तुरंत लाभ लेने के तरीके समझेंगे।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि समापन सत्र में रायसेन, विदिशा, सीहोर और आसपास के जिलों के लिए समग्र कृषि रोडमैप जारी किया जाएगा। इसमें फसल विविधीकरण, जल संरक्षण, सूक्ष्म सिंचाई, एकीकृत खेती, प्रसंस्करण इकाइयाँ, एफपीओ और बाजार लिंकेज बढ़ाने के लक्ष्य शामिल होंगे। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी रोडमैप का विमोचन करेंगे।
मंत्री चौहान ने बताया कि मेले में विषयवार सेमिनार, प्रशिक्षण सत्र, लाइव डेमो, नुक्कड़ नाटक, सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रगतिशील किसानों के अनुभव साझा करने के कार्यक्रम होंगे। कृषि मंत्रालय के विभाग, ICAR, कृषि विश्वविद्यालय, KVK, बीज और उर्वरक कंपनियाँ, डिजिटल कृषि प्लेटफार्म, एफपीओ, MSME और स्टार्टअप्स इसमें सक्रिय भागीदारी करेंगे।
प्रशिक्षण सत्रों में फसल कटाई के बाद प्रबंधन, मृदा स्वास्थ्य, प्राकृतिक खेती, सटीक खेती, हाइड्रोपोनिक्स, वर्टिकल फार्मिंग और ड्रोन आधारित कृषि शामिल होंगे। ICAR की मोबाइल मिनी‑लैब, डेयरी, मत्स्यपालन, बीज मिनीकिट वितरण और हेल्पडेस्क जैसी सुविधाएँ भी उपलब्ध रहेंगी। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह महोत्सव केवल तीन दिनों का कार्यक्रम नहीं, बल्कि क्षेत्र की खेती को लाभकारी और टिकाऊ बनाने की दीर्घकालिक पहल है।












