रायपुर, 31 मार्च 2026।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने केन्द्रीय गृह मंत्री के नक्सल नियंत्रण पर बधाई संदेश के जवाब में कहा कि नक्सली गतिविधियों पर नियंत्रण में कांग्रेस सरकार की नीतियों और कार्ययोजनाओं का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस सरकार के दौरान बस्तर में नक्सल गतिविधियों में 80 प्रतिशत की कमी आई थी, और बस्तर के दूरस्थ इलाकों में सुरक्षा बलों के कैंप और बुनियादी सुविधाओं के निर्माण से नक्सलवाद के प्रभाव को कम किया गया।
दीपक बैज ने कहा कि भूपेश सरकार के पांच वर्षों में नक्सली हिंसा के मामलों में भारी गिरावट आई है। 2008 से 2018 तक हर साल औसतन 500 से 600 हिंसक घटनाएं होती थीं, लेकिन भूपेश सरकार के दौरान यह संख्या घटकर 250 के आसपास रह गई। वर्ष 2023 में केवल 134 नक्सली घटनाएं घटीं, जो 2018 से पहले की तुलना में चार गुना कम थीं।
उन्होंने यह भी बताया कि कांग्रेस सरकार के दौरान नक्सलियों के आत्मसमर्पण में भी तेजी आई थी, और 1589 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। बस्तर संभाग के 589 गांवों के पौने छह लाख ग्रामीण नक्सलियों के प्रभाव से मुक्त हुए। यह आंकड़ा भाजपा के शासन के समय की तुलना में काफी अधिक था, जब नक्सलवाद बस्तर के तीन ब्लॉकों तक सीमित था, लेकिन रमन सरकार के कार्यकाल में यह पूरे 14 जिलों में फैल गया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने भाजपा की सरकार में नक्सल हिंसा और शहादतों का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा की नीतियों और फासीवादी सोच के कारण राज्य में नक्सलवाद फैला। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के दौरान कई पुलिसकर्मी और सुरक्षा बलों के जवान शहीद हुए, और भाजपा की तत्कालीन मुख्यमंत्री ने अपने नक्सल सलाहकारों के साथ सहयोग की नीतियां बनाई थीं।












