नई दिल्ली, 24 मार्च।
दिल्ली की मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री रेखा गुप्ता ने विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1,03,700 करोड़ रुपये का बजट पेश किया, जो पिछले वर्ष से 37 हजार करोड़ अधिक है। इस बजट की थीम 'ग्रीन बजट' रखी गई है, जिसमें विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी गई है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि दिल्ली अब मुफ्त सुविधाओं पर निर्भरता छोड़कर बुनियादी ढांचे और पर्यावरण पर निवेश कर रही है।
बजट में शिक्षा के लिए 19,326 करोड़ (18.64%), चिकित्सा एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए 13,034 करोड़ (12.57%), परिवहन और सड़क-पुल के लिए 12,613 करोड़ (12.16%), आवास और शहरी विकास के लिए 11,572 करोड़ (11.16%), सामाजिक सुरक्षा और कल्याण 10,537 करोड़ (10.16%), जल आपूर्ति और स्वच्छता के लिए 9,000 करोड़ (8.68%) आवंटित किए गए हैं। सार्वजनिक ऋण, ऊर्जा, ब्याज भुगतान, कृषि, ग्रामीण विकास और सिंचाई के लिए भी बजट में प्रावधान किया गया है।
मुख्य फोकस पर्यावरण पर रखा गया है, जिसके लिए कुल बजट का 21% हिस्सा अलग रखा गया है। महिला समृद्धि योजना के तहत महिलाओं को 2,500 रुपये देने के लिए 5,100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। छात्रों के लिए साइकिल और लैपटॉप वितरण योजना भी बजट में शामिल है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में 770 नए 'आयुष्मान आरोग्य मंदिर' खोलने के लिए 1,500 करोड़ रुपये और जीटीबी अस्पताल में नया ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने का प्रावधान है। बुनियादी ढांचे के लिए 750 किलोमीटर सड़क की रीकार्पेटिंग के लिए 1,392 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।
राजस्व अनुमान के अनुसार, 74,000 करोड़ टैक्स और 900 करोड़ नॉन-टैक्स से सरकार को प्राप्त होने की उम्मीद है। इस बजट में हर नीति, हर योजना और हर निर्णय में पर्यावरण और भविष्य की पीढ़ियों के हित को ध्यान में रखा गया है।











