उज्जैन, 03 अप्रैल 2026।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और उनकी धर्मपत्नी ने शुक्रवार की तड़के उज्जैन के प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती में भाग लेकर आस्था और भक्ति का अद्भुत अनुभव किया। दोनों ने गर्भगृह में प्रवेश कर विधिपूर्वक पूजा-अर्चना की और बाबा महाकाल के दिव्य दर्शन करते हुए देश एवं विश्व की शांति के लिए प्रार्थना की।
भस्म आरती के दौरान धर्मेंद्र प्रधान लगभग दो घंटे तक नंदी हॉल में बैठे रहे और पूरे विधि-विधान से आरती में शामिल होकर आध्यात्मिक अनुभव को गहराई से महसूस किया। मंदिर परिसर में गूंजते वैदिक मंत्र और ढोल-नगाड़ों की ध्वनि ने वातावरण को अलौकिक बना दिया। इस दौरान मंत्री पूर्णतः भक्ति में लीन नजर आए।
आरती के उपरांत केंद्रीय मंत्री ने मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश कर महाकाल का अभिषेक किया और राष्ट्र की प्रगति, समाज की समृद्धि तथा मानवता के कल्याण की कामना की। उन्होंने मीडिया से चर्चा में कहा कि भस्म आरती आत्मा को गहराई से संतोष प्रदान करती है और यह धार्मिक अनुष्ठान आंतरिक शांति और ऊर्जा का भी स्रोत है।
प्रधान ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में शांति और सद्भाव की आवश्यकता पहले से अधिक है, और उन्होंने महाकाल के समक्ष देश की निरंतर उन्नति, सनातन संस्कृति के विस्तार और विश्व कल्याण की प्रार्थना की। उन्होंने अपने अनुभव को सोशल प्लेटफॉर्म पर साझा करते हुए लिखा कि उज्जैन में गौसेवा का अवसर भारतीय संस्कृति की करुणा, संवेदना और लोकमंगल की भावना को जीवंत करता है और सेवा व समर्पण के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
उल्लेखनीय है कि उज्जैन का श्री महाकालेश्वर मंदिर सदियों से श्रद्धा और विश्वास का केंद्र रहा है और प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु यहां आस्था के साथ दर्शन करने आते हैं।











