धौलपुर, 02 मई।
उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति के सदस्य चंद्र प्रकाश गोयल शुक्रवार को धौलपुर पहुंचे। यहां उन्होंने कलक्ट्रेट सभागार में प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की और अवैध रेत खनन पर चर्चा की। इसके बाद गोयल और उनकी टीम ने चंबल नदी क्षेत्र में जाकर अवैध खनन की स्थिति का मूल्यांकन किया।
समीति सदस्य चंद्र प्रकाश गोयल ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अवैध खनन में शामिल वाहनों को जब्त किया जाए और उनकी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) को निलंबित कर दिया जाए। इसके बाद पूरी प्रशासनिक टीम धौलपुर के चंबल नदी क्षेत्र में पहुंची, जहां उन्होंने मध्यप्रदेश से सटे सीमावर्ती इलाके में अवैध खनन के हालात का जायजा लिया। टीम ने नदी के किनारे आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे से रेलवे पुल तक गश्त की और खनन पर पड़ रहे प्रभावों का अध्ययन किया।

टीम ने करीब एक घंटे तक क्षेत्र का निरीक्षण किया और फिर मुरैना के लिए रवाना हो गई। इस निरीक्षण में जिला कलक्टर श्रीनिधि बीटी, पुलिस अधीक्षक विकास सागवान, डीएफओ वी चेतन कुमार और जिला परिवहन अधिकारी गौरव यादव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
धौलपुर और मुरैना जिले में चंबल नदी के किनारे अवैध खनन की समस्या गंभीर बनी हुई है। इलाके में सक्रिय खनन माफिया पुलिस के साथ मुठभेड़ों में शामिल होते रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद रेत खनन पर पूरी तरह से रोक नहीं लग पा रही है। इस मामले में 11 मई को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी, जिसमें चंद्र प्रकाश गोयल की समिति अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।



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