पूर्व मेदिनीपुर, 26 अप्रैल।
पश्चिम बंगाल में 29 अप्रैल को प्रस्तावित दूसरे चरण के मतदान से पहले दीघा क्षेत्र में पर्यटकों के आवागमन और होटल में ठहरने पर किसी प्रकार की रोक लागू नहीं किए जाने की पुष्टि जिला प्रशासन द्वारा की गई है, जिससे पर्यटन गतिविधियों पर किसी तरह का प्रभाव नहीं पड़ेगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पूर्व मेदिनीपुर में मतदान पहले चरण में ही संपन्न हो चुका है, इसलिए अब समुद्र तटीय क्षेत्रों में पर्यटकों के आने-जाने और होटल में ठहरने पर कोई प्रतिबंध लागू नहीं है।
गौरतलब है कि 23 अप्रैल को हुए पहले चरण के मतदान में पूर्व मेदिनीपुर शामिल था, जिसके चलते मतदान से पहले 21 अप्रैल से दीघा, मंदारमणि और ताजपुर में बाहरी पर्यटकों के होटल में ठहरने पर अस्थायी रोक लगाई गई थी, जो मतदान समाप्त होने के बाद प्रभावहीन हो गई।
दूसरे चरण के मतदान को लेकर यह आशंका जताई जा रही थी कि क्या पर्यटन स्थलों पर पुनः प्रतिबंध लागू होगा, लेकिन होटल व्यवसायियों और प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अभी तक किसी प्रकार की नई गाइडलाइन जारी नहीं की गई है।
ओल्ड दीघा क्षेत्र के एक होटल संचालक ने बताया कि पहले चरण के दौरान अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया था, लेकिन अब दूसरे चरण को लेकर कोई आदेश नहीं आया है और होटल बुकिंग सामान्य रूप से जारी है।
दीघा-शंकरपुर होटलियर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी ने भी पुष्टि की है कि पर्यटकों के ठहरने पर रोक संबंधी कोई आधिकारिक सूचना प्राप्त नहीं हुई है, जिससे पर्यटन गतिविधियां सुचारु रूप से चल रही हैं।
जिला प्रशासन ने भी स्पष्ट किया है कि इस चरण में मतदान पूर्व मेदिनीपुर में नहीं है, इसलिए पर्यटकों के आगमन या होटल संचालन पर किसी प्रकार का प्रतिबंध लागू नहीं किया गया है।
स्थानीय होटल व्यवसायियों का मानना है कि वर्षभर पर्यटकों की अच्छी आवाजाही रहने के साथ आगामी दिनों में छुट्टियों और परिणामों के बाद पर्यटकों की संख्या में और वृद्धि देखने को मिल सकती है।












