लंबे समय से अपनी बारी का इंतजार करते-करते बहुत से वरिष्ठ माननीय अब निराश हो गए हैं। पहले उम्मीद थी कि महामहिम बनने का मौका मिलेगा, फिर अचानक एक राज्यसभा सीट पर सभी की निगाहें टिक गईं, लेकिन यहां भी नाउम्मीद हुए।
पूछने पर ठीकरा मीडिया के माथे फोड़ा कि आप लोग ही नाम चलाते हैं और आप लोग ही निपटाते हैं।















