बुंदेलखंड क्षेत्र में पिछले दिनों हुए बड़े घटनाक्रम में कुछ बड़े स्तर के माननीय और ऊपर बैठे आकाओं के संरक्षण के चलते बड़ा विवाद रहा। लंबे समय बाद कार्रवाई तो हुई, लेकिन जिम्मेदारों पर या औरों पर, यही चर्चा का विषय है। क्या हटाए गए इतने सक्षम थे कि राजनीतिक संरक्षण प्राप्त लोगों पर कार्रवाई कर सकते? सभी की इच्छा बड़े मगरमच्छ को टारगेट करने की है।















