चेन्नई, 20 मार्च 2026।
तमिलनाडु की राजनीति में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर तस्वीर लगभग साफ हो गई है और राज्य में इस बार चार-कोणीय मुकाबला तय माना जा रहा है, जिससे चुनावी संघर्ष और भी दिलचस्प हो गया है।
राज्य में 2019 से मजबूत स्थिति में रहे द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) के नेतृत्व वाले गठबंधन में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, वाम दल, विदुथलाई चिरुथैगल कच्ची, मरुमलार्ची द्रविड़ मुनेत्र कड़गम, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग और मनिथनेया मक्कल कच्ची जैसे दल शामिल हैं। हाल ही में कमल हासन की मक्कल नीधि मय्यम और देसिया मुरपोक्कु द्रविड़ कड़गम भी इस गठबंधन में शामिल हुए हैं।
दूसरी ओर, अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (अन्नाद्रमुक) ने भारतीय जनता पार्टी के साथ गठबंधन किया है। इस गठबंधन में अनबुमणि रामदास के नेतृत्व वाली पट्टाली मक्कल कच्ची, टी.टी.वी. दिनाकरन की अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम और जी.के. वासन की तमिल मनीला कांग्रेस भी शामिल हैं।
इस बीच अभिनेता से नेता बने विजय की तमिलगा वेत्रि कझगम को लेकर कई अटकलें थीं। कांग्रेस के साथ उनके संभावित गठबंधन की चर्चाएं तेज थीं और राहुल गांधी से बातचीत की भी खबरें आईं। हालांकि, कांग्रेस ने द्रमुक के साथ ही गठबंधन बरकरार रखा।
इसके बाद टीवीके के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में शामिल होने और विजय को उपमुख्यमंत्री पद की पेशकश जैसी खबरें आईं। लेकिन विजय ने एक इफ्तार कार्यक्रम में स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी किसी भी गठबंधन में शामिल नहीं होगी। उन्होंने घोषणा की कि टीवीके अपने दम पर सभी 234 सीटों पर चुनाव लड़ेगी और सरकार बनाने का दावा करेगी।
साथ ही सीमान की पार्टी नाम तमिलर कच्ची भी हर बार की तरह अकेले चुनाव मैदान में उतरेगी। इस प्रकार राज्य में चार प्रमुख मोर्चे बन गए हैं।
द्रमुक गठबंधन 2019 से लगातार चुनाव जीत रहा है, जो इसकी ताकत मानी जा रही है। वहीं अन्नाद्रमुक पिछली हार की भरपाई के इरादे से भाजपा और सहयोगी दलों के साथ रणनीति बना रहा है। सीट बंटवारे की औपचारिक घोषणा अभी बाकी है, लेकिन अंदरूनी बातचीत लगभग पूरी हो चुकी है।
अन्य दल जहां गठबंधन में व्यस्त हैं, वहीं नाम तमिलर कच्ची पहले ही उम्मीदवारों की घोषणा कर चुनाव प्रचार शुरू कर चुकी है। पिछले लोकसभा चुनाव में करीब 8 प्रतिशत वोट शेयर मिलने से पार्टी का मनोबल बढ़ा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार के चार-कोणीय मुकाबले में किसी भी दल के लिए जीत आसान नहीं होगी, जिससे तमिलनाडु का चुनाव बेहद रोमांचक होने की संभावना है।












