धमतरी, 18 मार्च।
भक्ति और शक्ति का पर्व चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से शुरू होने जा रहा है, जिसे लेकर शहर और आसपास के सभी देवी मंदिरों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और श्रद्धालुओं ने मनोकामना ज्योत प्रज्ज्वलित करने के लिए पंजीयन करवा लिया है।
मंदिरों में आकर्षक विद्युत सजावट की गई है और शुभ मुहूर्त में मनोकामना ज्योत प्रज्वलित किए जाएंगे। शहर की आराध्य देवी मां विंध्यवासिनी मंदिर में 1500, गंगरेल स्थित मां अंगारमोती मंदिर में 4000, दानी टोला वार्ड स्थित शीतला माता मंदिर में 150, मराठा पारा स्थित मंदर माई मंदिर में 50, शीतला मंदिर गोकुलपुर वार्ड में 40 सहित गायत्री मंदिर, सोरिद वार्ड स्थित काली मंदिर, काली मंदिर बस स्टैंड, रिसाई माता मंदिर, दंतेश्वरी मंदिर, रत्नेश्वरी मंदिर रत्ना बाँधा, दुर्गा मंदिर बठेना वार्ड सहित अन्य देवी मंदिरों में पंजीयन हुआ है।
नवरात्रि के दौरान अधिकांश श्रद्धालु उपवास रखते हैं, जिसके कारण फल की मांग बढ़ गई है और दाम में वृद्धि हुई है। वर्तमान में सेब 150 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 200 रुपये, संतरा 60-80 रुपये से 100 रुपये, अनार 120 रुपये से 200 रुपये, अंगूर 90 रुपये से 180 रुपये, काला अंगूर 180 रुपये से 220 रुपये, पपीता 80 रुपये से 130 रुपये और केला 60 रुपये दर्जन से 90-120 रुपये दर्जन हो गया है।
श्री विंध्यवासिनी बिलाई माता मंदिर धमतरी के अध्यक्ष आनंद पवार ने बताया कि कलश स्थापना 19 मार्च गुरुवार को शाम सात बजे गोधूलि बेला में विधिवत मंत्रोच्चार और वैदिक रीति-रिवाजों के साथ होगी। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के उपस्थित रहने की संभावना है। मंदिर परिसर में प्रतिदिन माता की विशेष आरती, दुर्गा सप्तशती पाठ और भजन-कीर्तन आयोजित किए जाएंगे।
23 मार्च सोमवार को विशेष पूजा-अर्चना आयोजित होगी, जिसमें श्रद्धालु परिवार की सुख-समृद्धि और मंगलकामना के लिए भाग ले सकेंगे। नवरात्रि अनुष्ठानों का समापन 26 मार्च गुरुवार को सुबह 10 बजे से 11:48 बजे तक हवन-पूजन एवं पूर्णाहुति के साथ होगा और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण भी किया जाएगा।
मां अंगारमोती ट्रस्ट गंगरेल के अध्यक्ष जीवराखन लाल मरई ने बताया कि नवरात्र पर्व के सफल आयोजन के लिए प्रशासनिक समिति, क्रय समिति, भंडार समिति, जोत समिति, पूजा समिति और निगरानी समिति का गठन कर उनके प्रभारी नियुक्त किए गए हैं। मंदिर परिसर, ज्योति कक्ष, भवन और माता मंदिर की साफ-सफाई और रंग-रोगन किया गया है। 19 मार्च को शाम पांच बजे से ज्योति प्रज्ज्वलन प्रारंभ होगा और नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं को मंदिर का नया स्वरूप देखने को मिलेगा।





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