वाराणसी, 31 मार्च।
गंगा स्वच्छता पखवाड़े के समापन दिवस पर आज श्री काशी विश्वनाथ धाम के गंगा द्वार पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें गंगा की स्वच्छता और उसकी अविरलता के लिए संकल्प लिया गया। इस अवसर पर नमामि गंगे परियोजना के तहत अब तक की प्रमुख उपलब्धियां साझा की गईं। कार्यक्रम में गंगा की स्वच्छता को लेकर जन-जन से सक्रिय भागीदारी की अपील की गई।
कार्यक्रम में नमामि गंगे के स्वयंसेवकों ने 98 सीवेज परियोजनाओं की सफलता, घाटों के आधुनिकीकरण और 10 क्विंटल से अधिक प्लास्टिक के रोकने की जानकारी दी। गंगा सेवक राजेश शुक्ला ने कहा कि इस परियोजना के तहत 212 से अधिक सीवरेज इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं पर काम चल रहा है, जिसके माध्यम से गंगा की 6,540 एम.एल.डी. से अधिक सीवेज उपचार क्षमता का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही, गंगा में डॉल्फिन, कछुए और अन्य प्रजातियों के संरक्षण के लिए विशेष योजनाएं भी शुरू की गई हैं।
इसके साथ ही, गंगा के तटों पर स्वच्छता बनाए रखने और जल के जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। 'जल महोत्सव' और 'स्वच्छता रैली' जैसे आयोजन स्थानीय लोगों को गंगा की स्वच्छता से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहे हैं। इस अभियान में कई समाजसेवी और स्थानीय लोग भी सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं।












