नई दिल्ली, 02 अप्रैल 2026।
केंद्र सरकार ने गुरुवार को जानकारी दी कि बीते पांच दिनों के भीतर 110 भौगोलिक क्षेत्रों में 55 हजार से अधिक पीएनजी कनेक्शनों में गैस की आपूर्ति प्रारंभ कर दी गई है। इसके साथ ही 23 मार्च से अब तक 5 किलोग्राम क्षमता वाले 4.3 लाख से अधिक एफटीएल सिलेंडरों की बिक्री भी दर्ज की गई है।
सरकार के अनुसार, एलपीजी से पीएनजी में परिवर्तन से जुड़े राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को वाणिज्यिक एलपीजी का अतिरिक्त 10 प्रतिशत आवंटन दिया गया है, जबकि सुधार पर ध्यान देने वाले राज्यों के लिए अतिरिक्त आवंटन की सिफारिश भी की जा रही है। फिलहाल आठ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को यह सुविधा दी जा चुकी है, जबकि तीन अन्य के प्रस्ताव विचाराधीन हैं।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि सभी रिफाइनरियां पूर्ण क्षमता के साथ संचालित हो रही हैं और कच्चे तेल के साथ-साथ पेट्रोल व डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए एलपीजी उत्पादन में भी बढ़ोतरी की गई है और देशभर में खुदरा बिक्री केंद्र सामान्य रूप से कार्य कर रहे हैं।
मंत्रालय के मुताबिक पेट्रोल और डीजल के खुदरा दामों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां अपनी लागत पर पेट्रोल पर 24.40 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 104.99 रुपये प्रति लीटर कम वसूल रही हैं। सरकार ने लोगों से अपुष्ट खबरों पर भरोसा न करने और सही जानकारी के लिए आधिकारिक स्रोतों पर निर्भर रहने की अपील की है।
इसके अतिरिक्त घरेलू पीएनजी और परिवहन क्षेत्र के लिए सीएनजी को प्राथमिकता के आधार पर पूरी आपूर्ति दी जा रही है। वहीं औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को ग्रिड के माध्यम से औसत खपत के लगभग 80 प्रतिशत तक आपूर्ति बनाए रखी गई है। सीजीडी संस्थाओं को होटल, रेस्टोरेंट और कैंटीन जैसे प्रतिष्ठानों को पीएनजी कनेक्शन देने में प्राथमिकता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकांश राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने गैर-घरेलू एलपीजी आवंटन को लेकर दिशा-निर्देशों के अनुरूप आदेश जारी कर दिए हैं। 14 मार्च से अब तक वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को 60,370 मीट्रिक टन एलपीजी की आपूर्ति की जा चुकी है।
यूरिया संयंत्रों को गैस आपूर्ति भी पिछले छह महीनों की औसत खपत के लगभग 70 से 75 प्रतिशत के स्तर पर स्थिर बनी हुई है। मंत्रालय ने बताया कि पाइपलाइन संचालन को सुचारु बनाए रखने के लिए अतिरिक्त एलएनजी और आरएलएनजी की आपूर्ति की व्यवस्था भी की जा रही है।











