उज्जैन, 23 मार्च।
चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर सोमवार को उज्जैन के महाकाल मंदिर में भक्तों की भीड़ उमड़ी। देर रात से श्रद्धालु मंदिर में कतार में खड़े रहे और सुबह 4 बजे मंदिर के पट खुलते ही भस्म आरती में भाग लिया। आरती के दौरान भक्तों ने भगवान के दर्शन किए और पवित्र पूजा विधियों को देखा।
भस्म आरती मंदिर की प्रमुख परंपरा का हिस्सा है, जिसमें भगवान निराकार से साकार रूप में दर्शन देते हैं। सुबह 3:30 से 4 बजे के बीच गर्भगृह में पूजा प्रारंभ हुई। पंचामृत अभिषेक में दूध, ताजा दही, देसी घी, शक्कर, शहद और फलों का रस चढ़ाया गया। इसके बाद भस्म आरती का आयोजन हुआ।
अभिषेक के बाद महाकाल का भव्य श्रृंगार किया गया। चंदन से शृंगार, माथे पर चंद्रमा सजाना, नवीन मुकुट और फूलों की माला अर्पित करना शामिल था। इसके पश्चात कपूर आरती और भोग अर्पित किया गया। इस अवसर पर प्रत्येक दिन अलग तरीके से भगवान का श्रृंगार किया जाता है।
पूरे मंदिर परिसर में भक्तों के जयकारों से वातावरण शिवमय हो गया। लगभग दो घंटे चली आरती के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार और भव्य श्रृंगार का संयोग भक्तों के लिए अलौकिक अनुभव बना।












