काठमांडू, 21 अप्रैल।
नेपाल में गृहमंत्री सुदन गुरूंग पर संपत्ति विवरण में कथित अनियमितताओं और संदेहास्पद वित्तीय लेनदेन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है, जिसके चलते उनके इस्तीफे की मांग लगातार तेज हो रही है। इस मांग में अब सत्तारूढ़ दल, विपक्षी दलों के साथ-साथ जेन जी आंदोलन से जुड़े संगठन भी शामिल हो गए हैं।
सत्तारूढ़ राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के भीतर भी इस मुद्दे पर मतभेद सामने आने लगे हैं। पार्टी के कई नेताओं ने सार्वजनिक रूप से गृहमंत्री से इस्तीफा देने की मांग की है। पार्टी के एक सांसद और सचिवालय सदस्य ने कहा है कि पारदर्शिता और नैतिकता की जिस भावना को पार्टी आगे बढ़ाती रही है, उसे देखते हुए गृहमंत्री को पद छोड़ देना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि जो नेता दूसरों को नैतिकता का पाठ पढ़ाते हैं, उनकी खुद की स्थिति आज सवालों के घेरे में है। ऐसे में यदि सुदन गुरूंग वास्तव में नैतिकता का उदाहरण प्रस्तुत करना चाहते हैं, तो उन्हें तुरंत इस्तीफा देकर जांच प्रक्रिया में सहयोग करना चाहिए और अपनी आय के स्रोत को सार्वजनिक करना चाहिए।
वहीं विपक्षी दलों ने भी गृहमंत्री पर दबाव बढ़ा दिया है। श्रम संस्कृति पार्टी के प्रमुख ने कहा कि जिस आधार पर पहले अन्य नेताओं पर कार्रवाई की गई थी, उसी आधार पर गृहमंत्री को भी अपने पद से हट जाना चाहिए, ताकि जांच निष्पक्ष रूप से आगे बढ़ सके।
जेन जी आंदोलन से जुड़े प्रतिनिधियों ने भी गृहमंत्री से इस्तीफे की मांग करते हुए कहा है कि निष्पक्ष जांच के लिए उन्हें पद छोड़ना चाहिए। एक प्रमुख प्रतिनिधि ने कहा कि आंदोलन का मूल सिद्धांत ही निष्पक्षता है, इसलिए जिस व्यक्ति पर सवाल उठे हैं, उसे स्वयं जांच के लिए मार्ग प्रशस्त करना चाहिए।
जेन जी आंदोलन से जुड़े एक अन्य प्रतिनिधि ने कहा कि गृह मंत्रालय के अधीन ही जांच एजेंसियां काम करती हैं, ऐसे में पद पर रहते हुए जांच प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है, इसलिए हितों के टकराव से बचने के लिए इस्तीफा आवश्यक है। उन्होंने सुझाव दिया कि जांच पूरी होने तक मंत्रालय का कार्यभार अस्थायी रूप से प्रधानमंत्री संभाल सकते हैं।
आंदोलन से जुड़ी एक महिला प्रतिनिधि ने भी कहा कि जांच के दौरान पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पद छोड़ना उचित होगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि गृहमंत्री निर्दोष साबित होते हैं, तो वे दोबारा पद संभाल सकते हैं।
इसी तरह एक अन्य प्रतिनिधि ने कहा कि जांच की प्रक्रिया केवल औपचारिकता नहीं होनी चाहिए, बल्कि यह पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए, ताकि जनता का भरोसा बना रहे।
वहीं एक प्रमुख आंदोलनकारी नेता ने कहा कि व्यक्तिगत विवादों के कारण पूरे आंदोलन की छवि प्रभावित हो रही है, इसलिए गृहमंत्री को खुद को जांच के दायरे से अलग रखना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि बड़े वित्तीय लेनदेन और संपत्ति संबंधी विवाद जनता के बीच सवाल खड़े कर रहे हैं।
कुछ अन्य प्रतिनिधियों ने भी कहा कि यदि आरोपों की जांच चल रही है तो सोशल मीडिया पर सफाई देने के बजाय औपचारिक जांच प्रक्रिया में सहयोग करना अधिक उचित होगा।
गृहमंत्री सुदन गुरूंग पहले ही मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में गिरफ्तार व्यवसायी से कथित व्यावसायिक संबंधों और शेयर लेनदेन को लेकर विवादों में घिरे हुए हैं। इन आरोपों के बीच उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा है कि उन्होंने कोई गलती नहीं की है और वे पार्टी के निर्णयों का पालन करते हुए जांच में पूरा सहयोग करेंगे।










