भागलपुर, 22 मई।
टीबी जैसी घातक बीमारी को जड़ से खत्म करने के लिए रेलवे प्रशासन पूरी तरह कमर कस चुका है। इसी संकल्प के तहत 100 दिवसीय टीबी उन्मूलन अभियान की कड़ी में मालदा मंडल के साहिबगंज स्थित मुख्य स्वास्थ्य इकाई और रेलवे स्टेशन पर सघन जागरूकता एवं स्क्रीनिंग शिविर का आयोजन किया गया।
मंडल रेल प्रबंधक मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन और मंडल चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनुपा घोष की देखरेख में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम का उद्देश्य कर्मचारियों और आम जनता को इस रोग के प्रति सतर्क करना था।
मुख्य स्वास्थ्य इकाई में डॉ. जी.पी. सिंह और डॉ. सुचित डी. एस. ने जिला टीबी इकाई के सहयोग से जागरूकता सत्र को संबोधित किया। शिविर में उपस्थित 30 से अधिक रेल कर्मियों को टीबी के लक्षणों की पहचान, समय पर जांच की महत्ता और उपचार के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी गई।
इस दौरान पोर्टेबल एक्स-रे मशीन के जरिए 25 से ज्यादा कर्मचारियों की स्क्रीनिंग की गई, ताकि बीमारी की शुरुआती स्टेज में ही पहचान सुनिश्चित हो सके।
वहीं, दूसरी ओर साहिबगंज रेलवे स्टेशन पर भी एक जागरूकता सत्र संचालित किया गया, जिसकी कमान डॉ. सुचित डी. एस. ने संभाली। यहाँ 25 से अधिक रेल कर्मचारियों और यात्रियों ने भाग लिया।
उन्हें डॉट्स थेरेपी, সরকারি स्वास्थ्य योजनाओं के लाभ और टीबी मरीजों को मिलने वाली सहायता राशि के बारे में अवगत कराया गया। यह अभियान टीबी मुक्त समाज के निर्माण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इस जागरूकता अभियान के माध्यम से प्रतिभागियों को यह संदेश दिया गया कि टीबी का उपचार पूरी तरह संभव है, बशर्ते इसकी पहचान समय पर हो।
सरकार द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे निःशुल्क इलाज और प्रोत्साहन योजनाओं के बारे में मिली जानकारी से कर्मचारी काफी लाभान्वित हुए। रेलवे का यह प्रयास क्षेत्र में टीबी के संभावित मामलों को कम करने और लोगों के स्वास्थ्य के प्रति सुरक्षा चक्र बनाने की दिशा में एक अहम कड़ी है।






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