अररिया, 26 मई।
सोमवार की देर रात अररिया जिले में आई तेज आंधी और मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर क्षेत्र में व्यापक तबाही मचा दी, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया।
तेज हवा के साथ आए तूफान में कई जगहों पर बड़े-बड़े पेड़ जड़ से उखड़ गए, जिससे नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे सहित ग्रामीण सड़कों पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया।
स्थिति सामान्य होने के बाद एनएचएआई की टीम ने सड़कों पर गिरे पेड़ों को काटकर हटाया, जिसके बाद यातायात व्यवस्था को धीरे-धीरे बहाल किया जा सका।
ग्रामीण इलाकों में तूफान के कारण कई घरों की टीन की छतें उड़ गईं, जिससे लोग खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए, वहीं कई कच्चे मकान भी ढहने की सूचना है।
सबसे अधिक नुकसान किसानों को हुआ है, जहां तैयार फसलें गिर गईं, सब्जी की खेती और खेतों में खड़ी मक्का की फसल भी भारी बारिश और तेज हवाओं से बुरी तरह प्रभावित हुई।
कई किसानों ने कटाई के लिए मक्का की फसल खेतों में जमा कर रखी थी, जो बारिश में भीगकर खराब हो गई, वहीं लगातार मूसलाधार बारिश से खेतों में खड़ी फसलें भी नष्ट हो गईं।
आंधी के दौरान कई क्षेत्रों में बिजली के तार टूट जाने से विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई, जिससे कई गांवों में अंधेरा छा गया।
अररिया प्रखंड के साथ-साथ फारबिसगंज, नरपतगंज, कुर्साकांटा, जोकीहाट, सिकटी और पलासी प्रखंडों से भी भारी नुकसान की खबरें सामने आई हैं।
फारबिसगंज के मझुआ गांव के किसान राजन सिंह ने बताया कि बदलते मौसम के कारण किसानों को लगातार नुकसान उठाना पड़ रहा है, और पहले भी इसी तरह की आंधी से फसलें प्रभावित हुई थीं।
किसानों का कहना है कि मौसम की मार के बीच वे जल्दबाजी में मक्का की कटाई में जुटे थे, लेकिन अचानक आई बारिश ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया और आर्थिक संकट बढ़ा दिया।
प्रशासन द्वारा क्षति का आकलन किए जाने की बात कही जाती है, लेकिन समय पर मुआवजा न मिलने से किसानों की आर्थिक स्थिति और अधिक कमजोर हो जाती है, क्योंकि अधिकांश किसान ग्रामीण क्षेत्रों में ऋण लेकर खेती करते हैं।















