भागलपुर, 26 मई।
बीते देर रात भागलपुर जिले में आई तेज आंधी, तूफान और मूसलाधार बारिश ने व्यापक तबाही मचा दी, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया और कई क्षेत्रों में भारी नुकसान दर्ज किया गया।
तेज रफ्तार हवाओं के चलते कई स्थानों पर बड़े पेड़ उखड़ गए, वहीं झोपड़ियों के छप्पर उड़ जाने से कई लोग खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए।
सबसे अधिक क्षति आम और लीची की फसलों को पहुंची है, जबकि आंधी के बाद पूरे जिले में विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई और कई स्थानों पर बिजली के पोल भी गिर गए।
बताया गया कि 85 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने बिजली व्यवस्था को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया, जिससे कई इलाकों में ब्लैक आउट जैसी स्थिति बन गई।
तेज हवा से पेड़ गिरने के कारण जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल के सर्जरी वार्ड के स्टोर रूम की दीवार क्षतिग्रस्त हो गई और खिड़की टूट गई, जिससे वार्ड में पानी भर गया और मरीजों को अन्य कक्षों में स्थानांतरित करना पड़ा।
नवगछिया क्षेत्र में सबसे अधिक नुकसान हुआ, जहां 40 इंच मोटा पेड़ उखड़कर दूर जा गिरा और कई कच्चे मकान पूरी तरह ढह गए।
सड़क किनारे बने अस्थायी ढांचे और दुकानों को भी भारी क्षति पहुंची है, जबकि एनएच-31 और एनएच-80 सहित प्रमुख मार्गों पर पेड़ गिरने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया।
रातभर वाहन मार्गों पर फंसे रहे और कई इलाकों में लोग अपने घरों में ही कैद होकर रह गए, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित रहा।
प्रशासनिक टीमें देर रात तक सड़कों से पेड़ हटाने और आवागमन बहाल करने में जुटी रहीं, वहीं बरारी घाट पर लगाया गया प्रशासनिक तंबू भी तेज हवा में उखड़ गया।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार हवा की रफ्तार 85 से 86 किलोमीटर प्रति घंटे तक दर्ज की गई, और यह स्थिति ऊपरी वायुमंडल की तेज हवाओं तथा बंगाल की खाड़ी से आई नमी के कारण बनी।
विभाग ने 23 से 25 मिलीमीटर वर्षा का अनुमान जताया है, जबकि विशेषज्ञों का कहना है कि भीषण गर्मी, नमी और ठंडी हवाओं के टकराव ने मौसम को और अधिक उग्र बना दिया।
इसी कारण शहर के अधिकांश हिस्सों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई, और ज्योति विहार कॉलोनी मार्ग से जुड़ी 33 केवी लाइन का इंसुलेटर खराब हो जाने से सप्लाई पूरी तरह बंद हो गई।















