देहरादून, 25 मई।
उत्तराखंड के मौसम में पुनः बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है, जिसके चलते राज्य के मैदानी हिस्सों के लिए भीषण गर्मी और हीटवेव की चेतावनी जारी की गई है। आने वाले दिनों में पारे में और उछाल आने की आशंका है, वहीं पर्वतीय क्षेत्रों में वर्षा और उच्च हिमालयी चोटियों पर हिमपात के आसार बने हुए हैं।
विभाग के पूर्वानुमान अनुसार, देहरादून, हरिद्वार, उधमसिंह नगर सहित मैदानी जनपदों में लू जैसे हालात उत्पन्न हो सकते हैं। दोपहर के समय तीव्र धूप और उष्ण हवाओं के कारण स्वास्थ्य प्रभावित होने का जोखिम है। स्थानीय प्रशासन ने निवासियों को अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त जल ग्रहण करने तथा बच्चों एवं बुजुर्गों के स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने का आग्रह किया है। स्वास्थ्य सेवाओं को भी उच्च सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जैसे पर्वतीय जिलों में छिटपुट से मध्यम बारिश के साथ वज्रपात की संभावना है, साथ ही चार हजार मीटर से अधिक ऊंचे स्थानों पर हिमपात के संकेत हैं। 28 और 29 मई को भी इन क्षेत्रों में गर्जना, बिजली कड़कने और तीव्र झोंकेदार हवाओं का प्रभाव महसूस किया जा सकता है। पर्वतीय अंचलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।
देहरादून में सोमवार को मुख्य रूप से आसमान साफ रहने के साथ आंशिक मेघ छाए रहेंगे, कहीं-कहीं गर्जना वाले बादल बन सकते हैं और अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तक रहने का अनुमान है। विगत 24 घंटों में राज्य भर में अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर रहा है, जिसमें अगले दो-तीन दिनों तक कोई विशेष परिवर्तन होने के आसार नहीं हैं, हालांकि उसके बाद पारे में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आने की उम्मीद है। बीते एक दिन में जोशीमठ में 2.2 मिमी, चंपावत में 1.0 मिमी और मुनस्यारी में 0.4 मिमी वर्षा दर्ज हुई है।
प्रशासन ने खराब मौसम के दौरान नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने, विद्युत उपकरणों से सावधानी बरतने और कृषकों को कटी हुई फसलों को सुरक्षित रखने का परामर्श दिया है। भीषण गर्मी के मद्देनजर किसानों को सिंचाई सुनिश्चित करने की भी सलाह दी गई है।












