रायपुर, 12 जून।
छत्तीसगढ़ में गुरुवार देर शाम से शुरू हुए तेज आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। आकाशीय बिजली गिरने और तूफानी हवाओं के कारण राज्य के विभिन्न हिस्सों में भारी तबाही हुई है।
सबसे दुखद घटना कांकेर जिले के अंतागढ़ में घटी, जहाँ ग्राम कन्हारगांव में मनरेगा कार्य के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से उप-सरपंच समेत 3 ग्रामीणों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 5 अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को आपदा राहत कोष से 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
तूफान की तीव्रता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बालोद के भेड़िया नवागांव में 131 फीट ऊंचा बीएसएनएल मोबाइल टॉवर धराशायी हो गया। गनीमत रही कि यह खेत में गिरा, जिससे बड़ी जनहानि टल गई। इसके अलावा, मुंगेली में तेज हवाओं से एक सरकारी शराब दुकान का टिन शेड उड़ गया। प्रदेश भर में बिजली के खंभे और 50 से अधिक पेड़ गिरने से कई क्षेत्रों में ब्लैकआउट जैसी स्थिति बनी हुई है। बिजली विभाग और प्रशासन की टीमें युद्धस्तर पर खंभों को दुरुस्त करने और मलबे को हटाने के कार्य में जुटी हैं।

सड़कों पर भी इसका व्यापक असर दिखा। कोरबा में नेशनल हाईवे 130 पर जलभराव के कारण यातायात घंटों बाधित रहा, वहीं रायपुर के वीआईपी रोड और शंकर नगर जैसे इलाकों में पेड़ गिरने से जाम की स्थिति बन गई। मौसम केंद्र रायपुर ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि बिलासपुर और सरगुजा संभाग में अगले 48 घंटों तक 50-60 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने और मध्यम से भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।












