चेन्नई, 23 मई।
तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस के बीच शनिवार सुबह अचानक मौसम ने करवट ले ली। शहर के विभिन्न हिस्सों में सुबह से ही तेज आंधी के साथ ठंडी हवाएं चलने लगीं, जिससे लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली। हालांकि इस बदलाव का असर जनजीवन के साथ-साथ उड़ान सेवाओं पर भी पड़ा और कई उड़ानों के संचालन में देरी दर्ज की गई।
पिछले कई दिनों से शहर में तापमान लगातार बढ़ रहा था और सुबह से ही तेज धूप व भारी उमस के कारण लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही थी। दोपहर के समय स्थिति और अधिक कठिन हो जाती थी, जिससे सड़कों पर आवाजाही भी कम हो गई थी। ऐसे में शनिवार सुबह अचानक आसमान में बादल छा गए और कई क्षेत्रों में तेज हवाओं का दौर शुरू हो गया।
चेन्नई के मरीना, एग्मोर, पुरसावक्कम, अन्नानगर, कोयम्बेडु, तांबरम, वेलाचेरी और अडयार सहित कई इलाकों में तेज आंधी दर्ज की गई। कुछ स्थानों पर धूल भरी हवाओं के कारण वाहन चालकों को दृश्यता में परेशानी का सामना करना पड़ा। तेज हवाओं से सड़क किनारे लगे होर्डिंग, बैनर और अस्थायी ढांचे हिलने लगे तथा कई जगह पेड़ों की शाखाएं टूटकर गिरने की भी सूचना मिली।
मौसम में आए इस बदलाव से तापमान में गिरावट दर्ज की गई और पूरे शहर में ठंडक महसूस की गई। लंबे समय से गर्मी और उमस से परेशान लोगों ने राहत की सांस ली और सुबह के समय कई लोग घरों से बाहर निकलकर ठंडी हवाओं का आनंद लेते दिखाई दिए। पार्कों, समुद्र तटों और सार्वजनिक स्थलों पर लोगों की आवाजाही भी बढ़ गई।
मौसम विभाग ने तेज हवाओं और संभावित हल्की बारिश को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह जारी की है। विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी और दक्षिणी तटीय क्षेत्रों में बने मौसमी प्रभाव के कारण अगले कुछ दिनों तक इसी प्रकार का मौसम बना रह सकता है और कुछ स्थानों पर गरज के साथ हल्की बारिश भी हो सकती है।
तेज हवाओं का असर चेन्नई हवाई अड्डे पर भी देखने को मिला, जहां कई उड़ानों के आगमन और प्रस्थान में देरी हुई। चेन्नई से दुबई, अबू धाबी, दिल्ली, वाराणसी और कोलकाता जाने वाली उड़ानें देर से रवाना हुईं, जिससे यात्रियों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा।
हैदराबाद से चेन्नई आ रही एक उड़ान तेज हवाओं के कारण सुरक्षित रूप से लैंड नहीं कर सकी और उसे तिरुपति हवाई अड्डे की ओर मोड़ दिया गया। इस दौरान यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा, जबकि अधिकारियों ने सुरक्षा को प्राथमिकता बताते हुए आगे की व्यवस्था की। विशेषज्ञों के अनुसार यह बदलाव प्री-मानसून गतिविधियों का संकेत हो सकता है।






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