भोपाल, 08 जुलाई।
मध्य प्रदेश में मानसून की सक्रियता चरम पर है, जिसके चलते राज्य के पन्ना, छतरपुर और खंडवा जैसे जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। लगातार हो रही भारी बारिश से कई क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं और आवागमन के मार्ग बाधित हो गए हैं। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक स्थिति और गंभीर रहने की चेतावनी दी है, जिसमें 24 घंटों के भीतर 4 से 8 इंच तक की मूसलाधार वर्षा हो सकती है।
बुधवार के लिए मौसम केंद्र ने श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, सागर और टीकमगढ़ जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही ग्वालियर, उज्जैन, इंदौर, जबलपुर और नर्मदापुरम सहित अन्य 22 जिलों में भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। राज्य के शेष हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा का दौर जारी रहने का अनुमान है।
मंगलवार को हुई तेज वर्षा के कारण खजुराहो में जलभराव की गंभीर समस्या उत्पन्न हुई, वहीं इंदौर के जेतकारण गांव में सड़क धंसने से स्कूली बच्चों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ा। आंकड़ों के अनुसार, 6 जुलाई तक मध्य प्रदेश में औसत से 5 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है, जहाँ पश्चिमी मध्य प्रदेश में सामान्य से 21 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है।
लगातार हो रहे जलप्रपात के कारण प्रदेश में गर्मी से बड़ी राहत मिली है। तापमान में गिरावट के साथ मलाजखंड प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहाँ अधिकतम तापमान 25.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रशासन ने भारी वर्षा की चेतावनी को देखते हुए निचले इलाकों में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।












