रांची, 26 मई।
उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा में कथित प्रश्नपत्र लीक प्रकरण को लेकर मंगलवार को स्थानीय उच्च न्यायालय की विशेष अदालत में छह आरोपियों की जमानत अर्जियों पर बहस हुई। सुनवाई के दौरान जांच अधिकारी ने संबंधित आरोपियों का आपराधिक विवरण, केस डायरी और जांच से जुड़ी महत्वपूर्ण फाइलें न्यायपीठ के समक्ष पेश कीं। दोनों पक्षों के तर्कों का अवलोकन करने के उपरांत अदालत ने मामले की अगली तारीख 29 मई सुनिश्चित की है।
इस कानूनी प्रक्रिया में गौरव कुमार द्वारा दायर अग्रिम जमानत अर्जी के साथ ही विकास कुमार, आशीष कुमार एवं योगेश प्रसाद सहित अन्य तीन नामजद आरोपियों की नियमित जमानत याचिकाओं पर विचार-विमर्श हुआ। जांच दलों का दावा है कि इनमें से तीन संदिग्ध सॉल्वर गिरोह के सक्रिय सदस्य हैं, जो परीक्षार्थियों को उत्तीर्ण कराने का प्रलोभन देकर अनुचित कार्य कर रहे थे।
गौरतलब है कि 11 अप्रैल को तमाड़ थाना अंतर्गत एक निर्माणाधीन परिसर में छापेमारी कर पुलिस ने 154 लोगों को हिरासत में लिया था। जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि गिरोह ने अभ्यर्थियों को एक गोपनीय स्थल पर ठहराकर उन्हें उत्तर रटवाए थे और साक्ष्य मिटाने हेतु उनके मोबाइल फोन एवं प्रवेश पत्र अपने अधिकार में ले लिए थे।
परीक्षा में सफलता के नाम पर अभ्यर्थियों से प्रति व्यक्ति दस लाख रुपये की अवैध वसूली का अनुबंध किया गया था। इस प्रकरण में कुल 166 लोगों को नामजद किया गया है। वर्तमान में पुलिस इस आपराधिक नेटवर्क के वित्तीय लेनदेन और पेपर लीक प्रक्रिया की गहराई से पड़ताल कर रही है। इस घटना ने राज्यस्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।














