बीकानेर, 26 मई।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने मंगलवार को राजस्थान सीमा पर पहुंचकर भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा स्थिति का जायजा लिया और बीएसएफ की सांचू पोस्ट पर जवानों से मुलाकात कर उनका उत्साह बढ़ाया।
भीषण गर्मी और 42 डिग्री तापमान के बीच सीमा चौकी पर पहुंचे गृह मंत्री ने तैनात जवानों से बातचीत कर उनकी कार्यप्रणाली, चुनौतियों और सीमा पर होने वाली गतिविधियों की विस्तृत जानकारी ली।
इस दौरान राजस्थान के मुख्यमंत्री भी उनके साथ मौजूद रहे और दोनों नेताओं ने सीमा सुरक्षा में लगे जवानों के साहस एवं योगदान की सराहना करते हुए उनके साथ जलपान कर संवाद किया।
हेलीकॉप्टर से सांचू पोस्ट पहुंचे गृह मंत्री ने यह ऐतिहासिक चौकी का दौरा किया, जो भारत-पाक सीमा की प्रमुख और पुरानी चौकियों में शामिल है तथा कई युद्धों की साक्षी रही है।
सीमा चौकी पर पहुंचकर उन्होंने दूरबीन से पाकिस्तानी क्षेत्र और जीरो पॉइंट का अवलोकन किया तथा करीब डेढ़ घंटे तक जवानों से सुरक्षा व्यवस्था और आधुनिक चुनौतियों पर चर्चा की।
इसी दौरान सीमा चौकियों पर नव-निर्मित 14 महिला बैरकों का ई-लोकार्पण भी किया गया, जिसमें केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री तथा बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
दौरे से पहले गृह मंत्री ने सांचू माता मंदिर में दर्शन कर पूजा-अर्चना की, इसके बाद शस्त्र गैलरी का निरीक्षण किया और ड्रोन आधारित सुरक्षा तकनीक की जानकारी ली।
उन्होंने परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और जवानों के साथ पारंपरिक नाश्ता कर उनके अनुभव एवं समस्याएं भी सुनीं।
दौरे के बाद बीकानेर स्थित बीएसएफ मुख्यालय में सीमावर्ती जिलों के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षकों के साथ उच्चस्तरीय बैठक प्रस्तावित है, जिसमें तस्करी और सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा होगी।
वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत सीमा से जुड़े 184 गांवों को सड़क और फोरजी नेटवर्क से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू करने की भी घोषणा की गई है।
इस दौरान सुरक्षा कारणों से संभावित विरोध को देखते हुए एक छात्र संगठन के जिलाध्यक्ष को पुलिस ने एहतियातन हिरासत में लिया, जबकि पूरे क्षेत्र में कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए।














