कोलकाता, 27 मई।
कोलकाता पुलिस कर्मियों के लिए तलाशी अभियान, गिरफ्तारी और अन्य सरकारी कार्रवाइयों के दौरान सादे कपड़ों में ड्यूटी करने पर अब रोक लगा दी गई है। नई व्यवस्था के तहत पुलिसकर्मियों को अनिवार्य रूप से वर्दी पहनकर ही कार्य करना होगा।
पुलिस आयुक्त कार्यालय की ओर से 24 मई को जारी निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि किसी भी तलाशी, गिरफ्तारी या सरकारी कार्रवाई के दौरान वर्दी अनिवार्य रहेगी और बिना वर्दी या सादे कपड़ों में उपस्थिति को नियमों के विरुद्ध माना जाएगा। यदि किसी विशेष परिस्थिति में सामान्य कपड़ों में जाना जरूरी हो, तो इसके लिए पहले वरिष्ठ अधिकारियों से अनुमति लेना आवश्यक होगा।
निर्देशों में यह भी कहा गया है कि अभियान के दौरान संबंधित पुलिसकर्मियों की पहचान स्पष्ट रूप से सुनिश्चित की जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और प्रक्रिया में किसी प्रकार की अस्पष्टता न हो।
हालांकि यह नियम स्पेशल टास्क फोर्स, डिटेक्टिव विभाग, साइबर शाखा, प्रवर्तन शाखा तथा अन्य विशेष इकाइयों पर लागू नहीं होगा, जिन्हें कार्य की प्रकृति के अनुसार छूट दी गई है।
निर्देशिका में वर्ष 1997 के चर्चित ‘डी.के. बसु बनाम पश्चिम बंगाल’ मामले में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें तलाशी, गिरफ्तारी और हिरासत के दौरान पुलिस आचरण के मानक तय किए गए थे।















