शहडोल, 27 मई ।
शहडोल जिले के ब्यौहारी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत धांधोकुई के दाल गांव में जल संकट गहराता जा रहा है। हालात ऐसे हैं कि आज भी ग्रामीण सड़क, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करने को मजबूर हैं। गांव में पानी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से लोगों को रोजाना करीब दो किलोमीटर दूर पहाड़ के नीचे स्थित झिरिया से पानी लाना पड़ रहा है।
भीषण गर्मी और तेज धूप के बीच दाल गांव के लोग रोज पथरीले और कठिन रास्तों से होकर पहाड़ी उतरते हैं। ग्रामीण सिद्ध बाबा के पास स्थित गहरी झिरिया से पीने का पानी भरकर अपने घर तक पहुंचाते हैं। पानी लाने की इस जद्दोजहद में महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे भी रोज कठिन सफर तय करने को मजबूर हैं।
गांव में एक हैंडपंप लगाया गया है, लेकिन उससे पानी नहीं निकलता। ग्रामीणों का कहना है कि गांव ऊंची पहाड़ी पर स्थित होने के कारण वर्षों से पानी की समस्या बनी हुई है। ऐसे में प्राकृतिक झिरिया ही लोगों का एकमात्र सहारा बनी हुई है।
सिर्फ पानी ही नहीं, गांव में सड़क और बिजली की सुविधा का भी अभाव है। ग्रामीणों के मुताबिक पक्की सड़क गांव से करीब पांच किलोमीटर दूर है। ऐसे में यदि कोई बीमार पड़ जाए तो उसे अस्पताल तक पहुंचाना बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाता है, क्योंकि गांव तक एंबुलेंस भी नहीं पहुंच पाती।
ग्रामीण बंशीलाल गोंड ने बताया कि उनके पूर्वजों के समय से लोग इसी गांव में रह रहे हैं, लेकिन आज तक सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं पहुंच सकीं। वहीं ग्रामीण मथुरा सिंह ने कहा कि बिना बिजली के जीवन बेहद कठिन हो गया है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
ग्रामीण शुभकरण ने बताया कि गांव से पक्की सड़क की दूरी करीब पांच किलोमीटर है, जिससे आपात स्थिति में परेशानी और बढ़ जाती है। वहीं ग्राम पंचायत धांधोकुई के सरपंच राकेश प्रजापति ने स्वीकार किया कि गांव में लगा हैंडपंप खराब है और दाल गांव में करीब 40 घरों के लगभग 250 लोग आज भी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में जीवन यापन कर रहे हैं।














