इंदौर, 27 मई ।
इंदौर में जारी जल संकट के बीच महापौर सचिवालय की धुलाई का एक वीडियो सामने आने के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। बुधवार को इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुए इस वीडियो को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। वीडियो कांग्रेस की ओर से साझा किया गया, जिसके बाद मामले ने राजनीतिक रंग पकड़ लिया।
कांग्रेस ने अपने आधिकारिक इंटरनेट मीडिया मंच पर वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया कि शहर की जनता पानी की कमी से जूझ रही है, जबकि महापौर सचिवालय की धुलाई की जा रही है। वीडियो में एक कर्मचारी प्रेशर पाइप की मदद से सचिवालय के बाहरी हिस्से की सफाई करता दिखाई दे रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं। कुछ लोगों ने जल संकट के समय पानी के उपयोग को लेकर सवाल उठाए, तो कुछ ने इसे नियमित सफाई प्रक्रिया बताया।
बताया गया कि सचिवालय परिसर में सफाई के दौरान किसी व्यक्ति ने वीडियो रिकॉर्ड करना शुरू कर दिया था। इसी बात को लेकर सफाई कर्मचारी और वीडियो बना रहे व्यक्ति के बीच कहासुनी भी हुई। वायरल वीडियो में कर्मचारी रिकॉर्डिंग को लेकर सवाल करता नजर आता है।
नगर निगम से जुड़े सूत्रों के अनुसार, यह मामला सचिवालय परिसर में ड्रेनेज लाइन की सफाई से जुड़ा हुआ है। जानकारी के मुताबिक, बुधवार को ड्रेनेज लाइन साफ करने के लिए टैंकर बुलाया गया था। प्रेशर पाइप से सफाई के बाद बाहर फैली गंदगी को उसी पानी से धोया गया। दावा किया जा रहा है कि इसमें उपयोग किया गया पानी शोधित था।
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मुद्दे को लेकर अनावश्यक राजनीतिक बयानबाजी की जा रही है और इसे “ओछी राजनीति” बताया। महापौर ने कहा कि उन्हें इस तरह के आरोपों पर विश्वास नहीं हो रहा कि विपक्ष इस स्तर की राजनीति कर रहा है।












