न्यूयॉर्क, 29 मई।
भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर जारी वार्ताओं में तेजी देखने को मिल रही है और अंतरिम समझौते के बेहद करीब पहुंचने की बात सामने आई है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने अमेरिकी व्यापार जगत के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत के दौरान बताया कि दोनों देशों के बीच इस दिशा में उत्साहजनक प्रगति हुई है।
उन्होंने गुरुवार रात यहां वैश्विक व्यापार जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में यह जानकारी साझा की। इस दौरान उन्होंने बताया कि न्यूयॉर्क में आयोजित गोलमेज संवाद में 50 से अधिक अंतरराष्ट्रीय कारोबारी नेताओं से चर्चा की गई, जिसका आयोजन भारत के महावाणिज्य दूतावास और यूएसआईएसपीएफ के सहयोग से किया गया था।
पीयूष गोयल ने बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की मजबूत आर्थिक प्रगति, सुधार आधारित नीतियों और वैश्विक निवेशकों के लिए बढ़ते अवसरों पर प्रकाश डाला। उन्होंने व्यापार, निवेश, नवाचार और आपूर्ति श्रृंखला सहयोग को और मजबूत करने की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया।

इसके साथ ही मंत्री ने कई प्रमुख वैश्विक उद्योग नेताओं के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें भी कीं। मॉर्गन स्टेनली के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी के साथ बातचीत में भारत में दीर्घकालिक निवेश और संस्थागत सहयोग को बढ़ाने पर चर्चा हुई। वहीं वारबर्ग पिंकस के अध्यक्ष के साथ वैश्विक निवेश परिदृश्य और भारत के आर्थिक अवसरों पर विचार साझा किए गए।
इसके अलावा एमनील फार्मास्यूटिकल्स के सह-संस्थापक एवं सह-मुख्य कार्यकारी अधिकारी के साथ दवा क्षेत्र में निवेश और नवाचार को बढ़ाने पर चर्चा हुई, जबकि मास्टरकार्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के साथ डिजिटल वाणिज्य, डिजिटल सुरक्षा और आधुनिक भुगतान प्रणाली में सहयोग पर बातचीत हुई।
यूएसआईएसपीएफ की ओर से भी कहा गया कि पीयूष गोयल ने निवेशकों के भरोसे, कारोबारी स्थिरता और मजबूत नियामक व्यवस्था को भारत सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल बताया।

इससे पहले 25 से 27 मई के बीच उनके नेतृत्व में 150 से अधिक सदस्यों का भारतीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल कनाडा भी गया था, जहां निवेश आकर्षित करने और मुक्त व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई थी।
उल्लेखनीय है कि आगामी 1 से 4 जून 2026 के बीच अमेरिका का एक प्रतिनिधिमंडल भारत का दौरा करेगा, जहां अंतरिम व्यापार समझौते के मसौदे को अंतिम रूप दिए जाने और व्यापक व्यापार समझौते के तहत बाजार पहुंच, शुल्क बाधाओं और व्यापार सुगमता जैसे मुद्दों पर बातचीत आगे बढ़ेगी।













