नई दिल्ली, 12 जून।
केंद्र सरकार ने असम और नागालैंड के साथ एक महत्वपूर्ण त्रिपक्षीय समझौते (MoU) पर हस्ताक्षर करके उत्तर पूर्व के विकास का एक नया अध्याय शुरू किया है। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य इन दोनों राज्यों में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के अन्वेषण तथा उत्पादन की राह आसान बनाना है। इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के साथ ही असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो विशेष रूप से उपस्थित रहे।

गृह मंत्री अमित शाह ने इस करार को एक ऐतिहासिक कदम बताया है। उन्होंने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित उत्तर पूर्व के सपने को साकार करने में एक बड़ी बाधा को दूर करेगी। उनके अनुसार, वर्ष 2014 से ही प्रधानमंत्री का विशेष ध्यान उत्तर पूर्व के उत्थान पर रहा है। यह समझौता सहकारी संघवाद का एक उत्कृष्ट उदाहरण है जो दोनों राज्यों की आर्थिक प्रगति को नई गति प्रदान करेगा।
अमित शाह ने वैश्विक ऊर्जा संकट की चर्चा करते हुए भारत की ऊर्जा सुरक्षा को देश के विकास के लिए अनिवार्य बताया। उन्होंने विश्वास जताया कि यह पहल भारत की आत्मनिर्भरता को मजबूत करने में मील का पत्थर साबित होगी। इस ऐतिहासिक समझौते से पूर्वोत्तर राज्यों में ऊर्जा क्षेत्र की अपार संभावनाओं के द्वार खुलेंगे और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।














