सीवान, 30 मई ।
राष्ट्रीय राजमार्गों पर बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुपालन में सीवान जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है और अतिक्रमण तथा अवैध पार्किंग के खिलाफ व्यापक अभियान चलाने की तैयारी शुरू कर दी है।
समाहरणालय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय राजमार्गों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए विभिन्न विभागों को कड़े निर्देश जारी किए गए।
बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि किसी भी राष्ट्रीय राजमार्ग के कैरिज वे पर भारी एवं वाणिज्यिक वाहनों की पार्किंग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी तथा वाहन केवल निर्धारित पार्किंग लेन में ही खड़े किए जा सकेंगे।
इसके लिए एनएचएआई, यातायात पुलिस और जिला परिवहन विभाग को संयुक्त रूप से नियमित निरीक्षण और पेट्रोलिंग करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जा सके।
राजमार्गों पर अतिक्रमण की पहचान, अवैध कब्जों को हटाने और शिकायतों के त्वरित निपटारे के लिए विशेष अभियान चलाने का आदेश दिया गया है, साथ ही निगरानी व्यवस्था को भी मजबूत करने पर जोर दिया गया।
एनएचएआई को टोल फ्री हेल्पलाइन सक्रिय रखने, शिकायत प्रणाली को प्रभावी बनाने और वर्ष में कम से कम दो बार ड्रोन सर्वे कराने के निर्देश दिए गए हैं ताकि सड़क सुरक्षा की स्थिति पर नियमित नजर रखी जा सके।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत हाईवे के राइट ऑफ वे क्षेत्र में ढाबा, दुकान और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाने तथा पहले से मौजूद अवैध संरचनाओं को हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
नगर निकायों को यह भी निर्देश दिया गया है कि हाईवे सेफ्टी जोन में किसी भी प्रतिष्ठान को बिना एनएचएआई की अनुमति के लाइसेंस या नवीनीकरण न दिया जाए।
बैठक में ब्लैक स्पॉट की पहचान कर वहां हाई मास्ट लाइट, एलईडी लाइट, गति मापक कैमरे और चेतावनी संकेतक लगाने की प्रक्रिया तेज करने तथा प्रत्येक 75 किलोमीटर पर एंबुलेंस और रिकवरी वाहन उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।












